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ICC कर सकती है बांग्लादेश क्रिकेट को बैन, अगर BCB के फैसलों में नहीं रुका सरकार का दखल

ICC ban warning BCB: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सरकार को चेतावनी दी है कि चुनाव के लिए जांच समिति बनाने को क्रिकेट बोर्ड में सरकारी हस्तक्षेप माना जा सकता है, जिससे ICC बैन का खतरा है।

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भारत

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Saksham Agrawal

Mar 17, 2026

ICC Ban Warning on Bangladesh Cricket Board BCB

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर आईसीसी बैन का खतरा (Image: IANS)

ICC ban warning BCB: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सरकार को सीधी चेतावनी दी है कि बोर्ड के चुनावों में सरकार के दखल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की कार्रवाई हो सकती है, यहां तक कि बैन का खतरा भी पैदा हो सकता है। राष्ट्रीय खेल परिषद (NSC) ने जो पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, उसे बीसीबी ने 'सरकारी दखल' बताया है और इसे तुरंत भंग करने की मांग की है।

बोर्ड का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में सरकारी हस्तक्षेप आईसीसी के नियमों का उल्लंघन है। रिपोर्ट्स के अनुसार बीसीबी के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर आईसीसी से भी बातचीत की है और श्रीलंका व जिम्बाब्वे जैसे मामलों का हवाला देते हुए कहा है कि सरकारी हस्तक्षेप के मामलों में आईसीसी पहले भी सख्त रुख अपना चुका है।

विवाद की शुरुआत - तमिम इकबाल का बयान

विवाद की शुरुआत सितंबर 2025 में हुई, जब पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी तमीम इकबाल ने बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप का आरोप लगाया। तमीम का आरोप था कि अमीनुल इस्लाम ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ जिलों के काउंसलर बदलवाए और नामांकन की अंतिम तिथि दो बार बढ़वाई। इन आरोपों के बाद तमीम ने अपनी दावेदारी वापस ले ली और कहा कि वे इस तरह की भ्रष्ट प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकते। अमीनुल इस्लाम ने इन आरोपों को खारिज किया, लेकिन इस विवाद ने बोर्ड की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए और विवाद को वैश्विक स्तर पर उजागर कर दिया।

चुनाव खत्म मगर विवाद नहीं

6 अक्टूबर 2025 को बीसीबी के चुनाव तो हो गए, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। ढाका के कई क्रिकेट क्लबों ने चुनाव परिणामों को 'गैरकानूनी' बताते हुए 2025-26 सीजन की घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं का बहिष्कार कर दिया। इसके कारण कई लीग प्रभावित हुई और जो टूर्नामेंट खेले जा सके उनमें भी कम ही टीमें मैदान में उतरी।

मार्च 2026 में तमीम इकबाल और क्लब अधिकारियों ने NSC से चुनाव प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। इसके बाद 11 मार्च को NSC ने पांच सदस्यों की जांच समिति गठित कर दी, जिसे 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। इस समिति को चुनाव में कथित गड़बड़ियों, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों की जांच का जिम्मा दिया गया है। हालांकि बीसीबी ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में सरकारी दखल बताया और सीधे बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की है।

विश्व कप विवाद और कोच का खुलासा

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और सरकार के बीच यह टकराव पहले भी सामने आ चुका है। टी20 विश्व कप 2026 को लेकर भी विवाद हुआ था, जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से बाहर रहने का फैसला लिया था। फरवरी 2026 में टीम के सहायक कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने इस मुद्दे पर नया खुलासा किया था। उन्होंने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि खिलाड़ियों की इच्छा विश्व कप से बाहर रहने की नहीं थी। सलाहुद्दीन के अनुसार, टूर्नामेंट से दूर रहने का फैसला पूरी तरह सरकारी स्तर पर लिया गया था।

इस बयान के बाद बोर्ड और सरकार के बीच तनाव और बढ़ गया, जो अब चुनाव जांच समिति के मुद्दे पर फिर से सामने आ गया है। बीसीबी का कहना है कि क्रिकेट की स्थिरता बनाए रखने के लिए जांच समिति को तुरंत भंग किया जाना चाहिए, वरना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।