28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ऋषभ पंत की जान बचाने वाला शख़्स खुद झूल रहा ज़िंदगी और मौत के बीच, जानिए क्या है पूरा मामला

ऋषभ पंत की जान बचाने वाले रजत ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर जान देने की कोशिश की थी। दोनों ने जहर खाया था, जिसके बाद इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई है, जबकि रजत की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Siddharth Rai

Feb 16, 2025

Rishabh Pant

Rishabh Pant

Rishabh Pant Accident saviour: भारतीय विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का दिसंबर 2022 में भयानक कार एक्सीडेंट हुआ था। उस हादसे में पंत मरते - मरते बचे थे। एक्सीडेंट इतना खतरनाक था कि पंत डेढ़ साल तक क्रिकेट के मैदान में नहीं उतरे। उस हादसे में उनकी जान हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले रजत कुमार ने बचाई थी। रजत ने जलती कार से ऋषभ पंत को बाहर निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया था। जिसके चलते ऋषभ पंत के द्वारा रजत को एक स्कूटी भी उपहार के रूप में दी गई थी। अब वही रजत गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं और ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।

स्थानीय पोलिस के मुताबिक रजत ने खुदकुशी करने की कोशिश की है। पुलिस के मुताबिक़, रजत और उनकी कथित प्रेमिका ने अपनी जान देने की कोशिश की थी। दोनों ने जहर खाया था, जिसके बाद इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई है, जबकि रजत की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। लड़की के परिजनों का आरोप है कि रजत और उनके परिवार ने युवती को अगवा कर उसकी हत्या की है। हालांकि रजत के परिवार ने इससे इनकार किया है। परिवार का कहना है कि दोनों ने आत्महत्या की कोशिश से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें 'वो साथ जीने-मरने की बात करते दिख रहे हैं।'

पंत के साथ कैसे हुआ था हादसा –
पंत दिसम्बर 2022 की एक सुबह दिल्ली से रुड़की अपने आवास जा रहे थे। रुड़की के नारसन बॉर्डर पर हम्मदपुर झाल के पास पंत को गाड़ी चलाते वक्त झपकी आ गई। जिसके बाद उनकी मर्सीडीज कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि कार ने आग पकड़ ली। पंत को सिर, पीठ और पैर में चोटें आई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी रॉन्ग साइड में जा पहुंची। गाड़ी सड़क पर घसीटते हुए करीब 200 मीटर की दूरी पर जाकर थमी। इसके बाद उसमें आग लग गई। आग लगने से पहले पंत खुद गाड़ी का शीशा तोड़कर बाहर निकल आए। तभी दूसरी तरफ से आ रही एक बस के चालक और सहायक ने उनकी मदद की और 108 पर फोन कर जानकारी दी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।