Coronavirus के कारण इस साल नहीं खेला जा सका ओमनाथ सूद क्रिकेट टूर्नामेंट, गौरवशाली है इतिहास

Coronavirus के चलते 32 साल के इतिहास में इस साल पहली बार टूर्नामेंट नहीं हो सका।

By: Mazkoor

Updated: 25 Aug 2020, 01:33 AM IST

नई दिल्ली : कोरोना वायरस (Coronavirus) के इस दु:खद काल में भी ओम नाथ सूद मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट कमेटी (Omnath Sood memorial cricket tournament) का कारवां जारी है। कोरोना के चलते 32 साल के इतिहास में इस साल पहली बार टूर्नामेंट नहीं हो सका, लेकिन खिलाड़ियों की जिज्ञासाओं को देखते हुए 1988 से 2019 तक की भूली-बिसरी यादों को एक गुलदस्ते के रूप में पेश करने का प्रयास किया।

ऐसा है टूर्नामेंट का इतिहास

इस वर्ष कोविड-19 के कारण 30वां अखिल भारतीय ओम नाथ सूद मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट जो 29 मार्च से शुरू होना था, नहीं हो पाया। बता दें कि यह टूर्नामेंट 1988 के मई में शुरू हुआ था। तब से लेकर 3 वर्षों (1990,91,92) को छोड़ कर अब तक जारी है और आगे भी जारी रहेगा। इस दौरान इस टूर्नामेंट के जरिये कई खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर रहे हैं। लगभग 32 वर्षों के इस लम्बे सफर में (उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार) अब तक कुल 605 मैच खेले गए, कुल 2,33,884 रन बने, कुल 9,244 खिलाड़ी आउट हुए, 42,706 ओवर्स फेंके गए, 20,290 चौके व 3,762 छक्के लगे। इस दौरान 150 शतक, 953 अर्धशतक बने। इस के अतिरिक्त 4 खिलाड़ी 99 रन पर, 41 खिलाड़ी नर्वस नाइंटीज के शिकार हुए, 36 खिलाड़ी 49 के स्कोर पर आउट हुए व 1138 खिलाड़ी अपना खाता भी नहीं खोल पाए।

सहवाग और युवराज समेत ये खिलाड़ी खेले

भारतीय टीम में खेलने वाले 50 से अधिक खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में भाग लिया। इस दौरान भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाले विराट कोहली व भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले विरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, युवराज सिंह, शिखर धवन आशीष नेहरा, अमित मिश्रा, ईशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, विजय दहिया, आकाश चोपड़ा,मनिंदर सिंह, मनोज प्रभाकर, पंकज धर्माणी, परवेज़ रसूल, रोमेश पवार, कर्ण शर्मा, जोगिंदर शर्मा, मोहम्मद कैफ, डोडा गणेश, अजय रात्रा, गगन खोड़ा, राकेश पटेल, दिनेश मोंगिया, राहुल सांघवी, सरनदीप सिंह, श्रीशांत, मुनाफ पटेल, ऋषि धवन, प्रवीण कुमार, दीपक चाहर, अमित भंडारी, यजुवेंद्र चहल, ऋषभ पंत आदि खिलाडियों ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भाग लिया।

ये अंपायर रहे

कुल 605 मैचों में आईसीसी अंपायर के. हरिहरन, शाहवीर तारापोर, अनिल चौधरी, विरेन्द्र शर्मा, अंतरराष्ट्रीय अंपायर देश राज, देवेन्द्र शर्मा, बी एस पी राव, विजय चोपड़ा, ओ कृष्णा, राजन सेठ सहित कुल 81अंपायरों ने अंपायर की भूमिका निभाई। बीसीसीआई अंपायर धर्मेश भारद्वाज ने सर्वाधिक 90 मैचों में, अन्तर्राष्ट्रीय अंपायर देवेन्द्र शर्मा ने 84 मैचों में व बीसीसीआई लेवल -1 अंपायर जतिन सूद ने 80 मैचों में अम्पायर की भूमिका निभाई।

ये स्कोरर रहे

एन के लखोटिया, जतिन सूद, एजाज अहमद, ईश्वर रावत, भगवत रावत, के के तिवारी (बीसीसीआई स्कोरर) सहित कुल 37 स्कोरर ने स्कोरिंग की। सुजीत शर्मा ने 128 व सतीश ने 69 व जतिन सूद ने 56 मैचों में स्कोरिंग की।

इन मैदानों में खेले गए

यह टूर्नामेंट फिरोज शाह कोटला स्टेडियम (अब अरुण जेटली स्टेडियम), करनैल सिंह स्टेडियम (रेलवे स्टेडियम), मोहन मेकिंस स्टेडियम (मोहन नगर, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश), खालसा कॉलेज, हिन्दू कॉलेज, राष्ट्रीय स्वाभिमान खेल परिसर, वायुसेना (पालम) सहित कुल 17 मैदानों में इस का आयोजन किया गया।

ओएनजीसी-एयर इंडिया छह-छह बार विजेता

ओएनजीसी की टीम ने 22 टूर्नामेंटों में भाग लेकर 46 मैचों में जीत हासिल की। 16 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान ओएनजीसी की टीम छह बार विजेता, जबकि छह बार उप विजेता रही। इसी तरह एयर इंडिया की टीम ने 15 टूर्नामेंटों में भाग लेकर 29 मैचों में जीत व सात मैचों में हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने छह टूर्नामेंटों में विजेता व एक मैच में उप विजेता रहने का गौरव पाया।

एक पारी में सर्वाधिक टीम स्कोर

बहादुरगढ़ (हरियाणा) के जीवन ज्योति मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की टीम ने 4 अप्रैल, 2017 को शिवाजी कॉलेज मैदान पर मद्रास क्रिकेट क्लब के विरुद्ध निर्धारित 40 ओवरों में 3 विकेट पर सर्वाधिक 419 रन बनाए। यह एक टीम का सर्वाधिक स्कोर रहा। इसी मैच में अक्षय सैनी ने मात्र 117 गेंदों पर 11 छक्कों व 18 चौकों की मदद से रिकॉर्ड 211 रनों की नाबाद पारी खेली।

(ओम नाथ सूद मेमोरियल स्पोर्ट्स एंड कल्चरल सोसायटी के सचिव प्रमोद सूद से बातचीत पर आधारित)

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