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‘जहां भी जाता हूं विवाद साथ आता है’, पृथ्वी शॉ ने बाहर जाना किया बंद, कहा – मेरा कोई दोस्त नहीं

पृथ्वी शॉ ने कहा है कि उन्होंने अकेले रहना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी वो बाहर निकलते हैं तो लोग उन्हें परेशान करते हैं और एक मुसीबत खड़ी हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्हें भारतीय टीम से बाहर किया गया तो उन्हें निराशा हुई लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया।

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Prithvi Shaw: भारत के बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने जब डेब्यू किया था तो फैंस को उनसे काफी उम्मीदें थी। लेकिन खराब फॉर्म के चलते वे भारतीय टीम में ज्यादा दिन नहीं टिक पाये और बाहर हो गए। घरेलू क्रिकेट में खूब रन बनाने और आईपीएल में अपना प्रभाव छोड़ने के बावजूद उन्होंने पिछले दो वर्षों में कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। पिछले कुछ समय में पृथ्वी शॉ विवादों की वजह से भी काफी सर्खियों में रहे हैं। इन सभी बातों पर पहली बार शॉ ने मीडिया से खुलकर बात की है और अपना दर्द बयां किया है।

पृथ्वी शॉ ने कहा है कि उन्होंने अकेले रहना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी वो बाहर निकलते हैं तो लोग उन्हें परेशान करते हैं और एक मुसीबत खड़ी हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्हें भारतीय टीम से बाहर किया गया तो उन्हें निराशा हुई लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया। शॉ का शीर्ष पर पहुंचना आसान था। उन्होंने कप्तान के रूप में अंडर-19 विश्व कप जीता और टेस्ट शतक के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया।

हालांकि, इस तरह के प्रदर्शनों के बावजूद वह राष्ट्रीय टीम में जगह पक्की नहीं कर पाए। 2018 में टेस्ट डेब्यू करने के बावजूद उन्होंने पिछले दो वर्षों में कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। उनके लिए आईपीएल 2023 भी निराशाजनक रहा, जहां वह आठ मैचों में 13.25 के औसत से सिर्फ 106 रन बना सके।

क्रिकबज से शॉ ने कहा, 'जब मुझे भारतीय टीम से बाहर किया गया, तो मुझे इसका कारण पता नहीं चला। कोई कह रहा था कि यह फिटनेस हो सकता है। लेकिन निश्चित रूप से मैं बेंगलुरु आया और एनसीए में सभी परीक्षण पास कर लिए। रन बनाए और फिर से टी20 टीम में वापसी की। लेकिन वेस्टइंडीज में दोबारा मौका नहीं मिला। मैं निराश हूं लेकिन बस आगे बढ़ना है।''

उन्होंने कहा कि वह अपने में ही सिमट कर रहना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह अपने विचार साझा करने से डरते हैं क्योंकि यह सब सोशल मीडिया पर आ जाता है। शॉ ने कहा, "एक व्यक्ति के रूप में, मैं बस अपने आप में रहना पसंद करता हूं। लोग मेरे बारे में बहुत सी बातें कहते हैं। लेकिन जो लोग मुझे जानते हैं, वे ये भी जानते हैं कि मैं कैसा हूं। मेरे पास दोस्त नहीं हैं, मुझे दोस्त बनाना पसंद नहीं है। मैं अपने विचार साझा करने से डरता हूं। किसी न किसी तरह यह सब सोशल मीडिया पर आ जाता है। मेरे बहुत कम दोस्त हैं, कुछ दोस्त हैं, और उनके साथ भी मैं सब कुछ साझा नहीं करता, केवल कुछ चीजें ही साझा करता हूं।"

शॉ ने कहा, "अगर मैं बाहर जाऊंगा, तो लोग परेशान करेंगे। वे सोशल मीडिया पर कुछ डाल देंगे, इसलिए मैं इन दिनों बाहर निकलना पसंद नहीं करता हूं। मैं जहां भी जाता हूं, मुश्किल खड़ी हो जाती है। मैंने बाहर निकलना बिल्कुल बंद कर दिया है। इन दिनों, मैंने यहां तक कि लंच और डिनर के लिए भी अकेले जा रहा हूं। अब मुझे अकेले रहना अच्छा लगने लगा है।' शॉ इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट के शेष सत्र के लिए नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अगस्त में शुरू होने वाले रॉयल लंदन वन-डे कप का भी हिस्सा होंगे।