
भारतीय पूर्व क्रिकेटर आर अश्विन। (फोटो सोर्स: IANS)
Ravichandran Ashwin, Big Bash League: रविचंद्रन अश्विन बिग बैश लीग (BBL) में खेलने वाले पहले हाई-प्रोफाइल भारतीय क्रिकेटर बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और यह ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख टी20 लीग के आगामी सीजन की शुरुआत में ही हो सकता है। क्रिकबज को पता चला है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग वर्तमान में अश्विन के साथ इस स्टार भारतीय स्पिनर के बीबीएल में अपनी प्रतिभा दिखाने की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं।
पिछले हफ्ते आईपीएल से संन्यास की घोषणा के तुरंत बाद ग्रीनबर्ग ने इस स्टार भारतीय स्पिनर से संपर्क किया था, जिसके बाद ये चर्चाएं शुरू हुईं। अश्विन ने "विभिन्न लीगों में खेल के अन्वेषक" बनने के संकेत दिए थे, और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए यह एक महत्वपूर्ण अधिग्रहण होगा। बीबीएल इस 38 वर्षीय खिलाड़ी के लिए एक स्वतंत्र टी20 अन्वेषक के रूप में पहला पड़ाव बन सकता है।
भले ही इस समय गेंद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के पाले में हो कि वे इस सौदे को कैसे अंजाम देते हैं। इसके अलावा, यह भी कि यह कैसा दिखता है, क्या यह इस बात पर निर्भर करता है कि अश्विन कितने मैचों के लिए उपलब्ध होंगे, या उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह कि वह आठ क्लबों में से किसकी जर्सी पहनेंगे। हालाँकि कुछ सूत्रों का मानना है कि अगर वह यहां तक पहुंचते हैं, तो मेलबर्न जा सकते हैं।
ग्रीनबर्ग ने अश्विन को फोन करने की पुष्टि की और बताया कि एक संभावित सौदे पर काम चल रहा है, साथ ही अगर यह होता है तो अपनी खुशी भी व्यक्त की।उन्हें पूरा विश्वास है कि ऐसा होगा। ग्रीनबर्ग ने क्रिकबज से कहा, "अश्विन जैसी योग्यता वाले किसी खिलाड़ी का बीबीएल में आना कई स्तरों पर शानदार होगा। वह एक चैंपियन क्रिकेटर हैं जो बिग बैश और हमारे क्रिकेट सीजन में बहुत कुछ लेकर आएंगे।"
ग्रीनबर्ग का अगला कदम क्लबों और अन्य हितधारकों के साथ बातचीत करके एक प्रस्ताव तैयार करना है जिसे वह अश्विन के पास ले जा सकें। अश्विन ने भी इस वेबसाइट पर सीए द्वारा अपनाए जा रहे इस दृष्टिकोण के बारे में स्वीकार किया है। हालांकि तकनीकी रूप से सभी आठ टीमों ने ड्राफ्ट के दौरान अपने वेतन का लगभग अधिकांश हिस्सा खर्च कर दिया है, सीए को अश्विन को टीम में शामिल करने के लिए कोई तात्कालिक समाधान ढूंढना होगा। हालांकि, ऐसा लग रहा है कि वे सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए उत्सुक हैं और जरूरत पड़ने पर बीबीएल को एक सनसनीखेज बढ़ावा देने के लिए एक विशिष्ट विकल्प भी लेकर आ रहे हैं।
अतीत में ऐसे कुछ उदाहरण रहे हैं जहाँ ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष खिलाड़ियों को मैच के हिसाब से भुगतान किया गया है, और डेविड वार्नर ने कथित तौर पर दो सीजन पहले प्रत्येक बीबीएल मैच के लिए लगभग 80,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमाए थे। अगर ऐसा हुआ तो और भी ब्रांड या एंडोर्समेंट डील्स की गुंजाइश बन सकती है।
यह बात सही भी है। 'बीबीएल बड़े विदेशी सितारों को आकर्षित नहीं करता' जैसे कलंक से सालों तक जूझने के बाद, एक ऐसे शीर्ष भारतीय क्रिकेटर का इसमें शामिल होना, जिसने विश्व कप और कई आईपीएल जीते हैं, लीग के लिए एक बड़ा बढ़ावा होगा। इससे लीग को न केवल दक्षिण एशिया के संदर्भ में, बल्कि संभवतः व्यापक टी20 लीग जगत में अपनी पहचान बनाने में भी मदद मिलेगी, और ज्यादा दर्शकों तक पहुंचेगा।
Published on:
4 Sep 2025, 9:41 AM IST
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