ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मात्र 177 रन बनाए हैं। कंगारू टीम के लिए सबसे ज्यादा रन मार्नस लाबुशेन ने 123 गेंद में 49 रन बनाए। भारत के लिए जडेजा ने पांच विकेट चटकाए।
India vs Australia Nagpur test: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मुक़ाबला नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम (VCA) में खेला जा रहा है। इस मैच में भारत ने शानदार गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर डाल दिया है। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करे का फैसला किया। लेकिन यह फैसला सही साबित नहीं हुआ और कंगारू टीम मात्र 177 रन पर ढेर हो गई।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज ने उन्हें शुरुआती झटके दिये और कंगारू टीम के दोनों सलामी बल्लेबाजों को सस्ते पवेलियन भेज दिया। ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका उस्मान ख्वाजा के रूप में लगा। दो रन के स्कोर पर मोहम्मद सिराज ने को विकेटों के सामने फंसाया और एलबीडबल्यू आउट किया। सिराज ने अपने पहले ही ओवर की पहली ही गेंद पर उस्मान ख्वाजा के लेग स्टंप को टारगेट किया। ख्वाजा जब तक कुछ समझ पाते गेंद उनके पैड पर हिट कर गई। सिराज ने एलबीडब्ल्यू की जोरदार अपील की, लेकिन ऑनफील्ड अंपायर ने इसे नकार दिया। सिराज ने कप्तान रोहित को डीआरएस लेने पर मजबूर किया और रिव्यू में दिखा की गेंद स्टंप पर जाकर लग रही थी। अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और टीम इंडिया को पहली सफलता मिल गई।
दो रन के स्कोर पर ऑस्ट्रेलियाई टीम को दूसरा झटका लगा। मोहम्मद शमी ने डेविड वॉर्नर को अंदर आती गेंद पर क्लीन बोल्ड किया। वॉर्नर ने पांच गेंद में एक रन बनाया। इसके बाद मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ ने ऑस्ट्रेलिया की पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए पहले सत्र में और कोई विकेट नहीं गिरने दिया। ऑस्ट्रेलिया ने लंच तक 2 विकेट खोकर 76 रन बना लिए थे। लेकिन तभी 84 रन के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया का तीसरा विकेट गिरा। रवींद्र जडेजा ने मार्नस लाबुशेन को विकेटकीपर केएस भरत के हाथों स्टंप आउट कराया। इसके साथ ही उन्होंने स्मिथ और लाबुशेन के बीच 82 रन की साझेदारी तोड़ दी। मार्नस लाबुशेन ने 123 गेंद में आठ चौकों की मदद से 49 रन बनाए और अपने अर्धशतक से चूक गए।
इसकी अगली गेंद पर जडेजा ने एक और विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट में ढकेल दिया। जडेजा ने मैट रेनशॉ को एलबीडबल्यू आउट कर डक पर पवेलियन भेज दिया। 109 रन के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम पवेलियन लौट गई है। रवींद्र जडेजा ने स्टीव स्मिथ को क्लीन बोल्ड कर ऑस्ट्रेलिया को बहुत बड़ा झटका दिया। स्मिथ ने 107 गेंद में 37 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके शामिल थे।
162 रन के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया का छठा विकेट गिरा। रविचंद्रन अश्विन ने एलेक्स कैरी को आउट करके भारत को छठी सफलता दिलाई। कैरी 33 गेंद में सात चौकों की मदद से 36 रन बनाने के बाद रविचंद्रन अश्विन के खिलाफ रिवर्स स्वीप खेलने के प्रयास में क्लीन बोल्ड हो गए। दोनों ने छठे विकेट के लिए 53 रनों की साझेदारी की।
इसी के साथ रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 450 विकेट पूरे कर लिए। उन्होंने 89 टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की। वह टेस्ट में सबसे तेज 450 विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं। इस मामले श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन शीर्ष पर हैं, जिन्होंने 80 टेस्ट में ही अपने 450 विकेट पूरे कर लिए थे। वह अनिल कुंबले के बाद सिर्फ दूसरे भारतीय गेंदबाज हैं, जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
रविचंद्रन अश्विन ने भारत को सातवीं सफलता दिलाई। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस को इस मैच में अपना दूसरा शिकार बनाया। पैट कमिंस 14 गेंद में एक चौके की मदद से छह रन बनाकर आउट हुए। विराट कोहली ने स्लिप में उनका कैच पकड़ा। 173 रन के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया का आठवां विकेट गिरा। रवींद्र जडेजा ने टॉड मर्फी को खाता भी नहीं खोलने दिया। मर्फी ने पांच गेंद का सामने किया और विकेटों के सामने पकड़े गए।
176 रन के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया का नौवां विकेट गिरा। पीटर हैंड्सकॉम्ब 84 गेंद 31 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके लगाए। रवींद्र जडेजा ने उन्हें विकेटों के सामने फंसाया। ऑस्ट्रेलियाई पारी का आखिरी विकेट अश्विन ने लिया। उन्होंने स्कॉट बोलैंड को बोल्ड कर मात्र 1 रन के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। भारत के लिए सबसे ज्यादा जडेजा ने 5 विकेट चटकाए। जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में 11वीं बार पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया है। उनके अलावा अश्विन ने तीन, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी ने एक- एक विकेट लिए।