
नई दिल्ली। बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेले गए निदहास ट्रॉफी के आखिरी नॉक आउट मैच को क्रिकेट की दुनिया में लंबे समय तक याद किया जाएगा। इस मैच में जिस तरह का बर्ताव दोनों ओर के खिलाड़ियों का रहा, उसपर आईसीसी क्या कारवाई करती है, ये तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन उससे पहले जानिए कि इस मैच में विवाद कब शुरू हुआ और क्या विवाद का क्या कारण था। मैच के 39 ओवर तो बड़े ही शांति के साथ समाप्त हुए। लेकिन आखिरी पांच गेंदों पर बहुत कुछ हो गया।
बांग्लादेशी बल्लेबाजी का आखिरी ओवर -
श्रीलंका के दिए 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की टीम 19 ओवर के बाद सात विकेट पर 148 रन बना चुकी थी। जीत के आखिरी ओवर में 12 रनों की दरकार थी। क्रीज पर महमदुल्लाह और मुस्तिफिजुर रहमान थें। खास बात ये थी बल्लेबाजी छोड़ पर मुस्तिफिजुर थें। कप्तान तिसारा परेरा ने उदाना को गेंदबाजी का जिम्मा दिया। उदाना ने पहली गेंद बाउंसर फेंकी। इस पर कोई रन नहीं बना।
दूसरी गेंद भी बाउंसर - उदाना ने दूसरी गेंद भी बाउंसर ही फेकी। मुस्तफिजुर के साथ-साथ विकेटकीपर भी इस गेंद को पकड़ पाने में नाकाम रहे। इसी बीच दोनों खिलाड़ियों ने छोड़ बदलने के लिए दौड़ लगाई। महमुदुल्लाह अपने छोड़ पर पहुंच गए। लेकिन मुस्तफिजुर के क्रीज में पहुंचने से पहले गेंद विकेट को छू चुकी थी। रहमान के रन आउट होते ही बांग्लादेश का आठवां विकेट गिर चुका था। यहां से जीत के लिए 4 गेंदों पर 12 रन चाहिए थे जबकि मेजबान को 2 विकेट या किफायती गेंदबाजी।
विवाद ने दी दस्तक -
इसी बीच बांग्लादेशी बल्लेबाज गुस्से में आ गए। कप्तान शाकिब अल हसन के साथ-साथ अन्य बांग्लादेशी खिलाड़ी भी गुस्से में दिखे। इसी बीच शाकिब बार-बार अपने बल्लेबाजों को मैदान छोड़ने का इशारा करते दिखे। हालांकि बाद में कोच और टीम मैनेजमेंट में विवाद को शांत किया। जिसके बाद आगे की बल्लेबाजी हुई।
क्यों गुस्से में आए बांग्लादेशी बल्लेबाज -
क्रिकेट का एक नियम है कि कोई भी गेंदबाज किसी एक ओवर में एक ही गेंद बाउंसर फेंक सकता है। साथ ही पहली बार बाउंसर फेंके जाने पर अंपायर इशारा कर बताते है। लेकिन इस ओवर की पहली गेंद पर फील्ड अंपायर यह इशारा करना भूल गए। जब उदाना ने दूसरी गेंद बाउंसर फेकी, तो लेग अंपायर ने उसे नो बॉल करार दिया। जिसे बॉलिंग ऐड पर मौजूद अंपायर ने आपस में बात करने के बाद नकार दिया। इसके बाद बांग्लादेशी क्रिकेटर गुस्से में आ गए। वो ये समझ नहीं पाए कि आखिर क्यों बॉलिंग ऐड के अंपायर ने लेग अंपायर के फैसले को नकार दिया।
कोच खालिद मेहमुद ने किया शांत -
गुस्साए बांग्लादेशी क्रिकेटरों को कोच खालिद मेहमुद और टीम मैनेजमेंट के सीनियर अधिकारियों शांत किया। जिसके बाद मैच फिर शुरू हो सका। नियमों के अनुसार यदि बांग्लादेशी बल्लेबाज मैदान छोड़ने का फैसला लेते तो उन्हें डिसक्वालीफाई कर दिया जाता। और श्रीलंका फाइनल में पहुंच जाता।
वाइड जा रही गेंद पर महमुदुल्लाह का चौका -
ओवर की तीसरी गेंद उदाना ने लगभग वाइड ही फेंकी। लेकिन पहले से शॉट के लिए तैयार महमुदुल्लाह ने बेहतरीन एक्स्ट्रा कवर ड्राइव लगाते हुए इस गेंद पर चौका जमाया। यहां से अंतिम तीन गेदों पर जीत के लिए 8 और रनों की जरुरत थी।
चौथी गेंद पर दो रन आए -
ओवर की चौथीं गेंद को उदाना यॉकर डालने के प्रयास में नीची फुल टॉस गेंद फेंक बैठे। जिस पर महमुदुल्लाह ने डीप स्क्वायर में खेल कर दो रन लिया। अब अंतिम दो गेंदों पर जीत के गेंदों पर जीत के लिए 6 रन की जरुरत थी।
पांचवीं गेंद पर शानदार सिक्स -
उदाना स्लो गेंद फेंक कर महमुदुल्लाह को चौकाना चाहते थें। लेकिन महमुदुल्लाह ने शानदार पूर्वानुमान लगाते हुए इस गेंद पर बेहतरीन सिक्स लगाया। इसी के साथ बांग्लादेश मैच को जीत कर फाइनल में पहुंच गया। इसके बाद बांग्लादेशी क्रिकेटरों ने मैदान में जमकर नागिन डांस किया। हालांकि इस मैच में जो कुछ भी हुआ इस पर मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड, फील्ड अंपायर रुचिरा पल्लियागुरुगे और रवींद्र विमलसिरी ऐक्शन ले सकते हैं।
Published on:
17 Mar 2018 10:39 am

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