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दुनिया का इकलौता इंटरनेशनल क्रिकेटर जिसे हुई थी फांसी की सजा, किया था ऐसा घिनौना काम!

अगर क्रिकेट के इतिहास पर नजर दौडाएं तो पायेंगे कि कई ऐसे क्रिकेटर हुए जिन्हें मैदान पर अनुशासनहीनता के आरोप में सजा मिली

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Rahul Mishra

Oct 25, 2017

Leslie Hylton Cricketer

नई दिल्ली: क्रिकेट के खेल में क्रिकेटरों का विवादों से नाता बहुत पुराना है। अगर क्रिकेट के इतिहास पर नजर दौडाएं तो पायेंगे कि कई ऐसे क्रिकेटर हुए जिन्हें मैदान पर अनुशासनहीनता के आरोप में सजा मिली। कई क्रिकेटर मैच फिक्सिंग में फंसे और जेल तक गए तो कईयों पर आजीवन क्रिकेट खेलने पर बैन लगा दिया गया। लेकिन एक क्रिकेटर ऐसा था जिसे उसके घिनौने काम के लिए सजा के तौर पर फांसी पर लटकाया गया।

वेस्‍टइंडीज का गेंदबाज जिसने की थी पत्नी की हत्या-
मामला साल 1955 का है है जब वेस्‍टइंडीज के तेज गेंदबाज लेस्‍ली हिल्‍टन को फांसी दे दी गई। तो उस वक्‍त पूरी दुनिया हैरान रह गई। लेस्‍ली हिल्‍टन उस समय क्रिकेट की दुनिया का उभरता सितारा था। इससे पहले और ना ही इसके बाद किसी भी क्रिकेटर को इस तरह की सजा दी गई। बताया जाता है कि लेस्‍ली को अपनी पत्‍नी की हत्‍या करने का दोषी पाया गया था, लिहाज़ा उन्‍हें फांसी की सजा सुनाई गई।

उस वक्त लेस्ली हिल्टन की आग उगलती गेंदों का किसी भी बल्लेबाज के पास जबाब नहीं होता था। इसलिए उसे उस वक्त रफ़्तार का बादशाह भी कहा गया था। लेस्ली ने 1935 से 1939 के बीच अपने देश के लिए 6 टेस्ट मैच खेले और 19 विकेट लिए। इस दौरान उनका एवरेज 26.12 रहा।

पत्नी की बेवफाई से हुआ था आहत, कर दी थी हत्या-
बताया जाता है कि हिल्टन ने बेवफाई के चलते अपनी पत्नी की हत्या की थी। उनकी वाइफ का नाम लर्लिन रोज था जो कि जमैका के एक पुलिस अधिकारी की बेटी थी। 1935 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने के बाद हिल्टन की मुलाकात लर्लिन से हुई और दोनों में प्यार हो गया। साल 1942 में दोनों ने शादी कर ली। इनका एक बेटा भी था। लगभग 7 सालों तक सबकुछ ठीक ठाक रहा लेकिन 1954 में हालात खराब हो गए। अपने ड्रेसमेकिंग बिजनेस का बहाना लेकर लर्लिन अकसर न्यूयॉर्क जाने लगीं। इसी साल हिल्टन को एक गुमनाम चिट्ठी मिली। जिसमें लिखा था कि उनकी बीवी के ब्रूकलीन एवेन्यू में रहने वाले रॉय फ्रांसिस से नाजायज रिश्ते हैं।

सात गोलियां से शरीर कर दिया था छलनी-
पत्नी के अफेयर का पता लगने के बाद हिल्‍टन ने तुरंत ही लर्लिन को अमेरिका से वापस बुलाया। दोनों के बीच काफी लड़ाई होने लगी। पहले तो लर्लिन ने इस रिश्‍ते को मानने से इंकार कर दिया। बाद में सब सच सामने आया तो लर्लिन ने खुलेआम अपने अवैध संबंधों की बात कबूली। हिल्टन तब तक गुस्से में पागल हो चुके थे। वह खिड़की पर रखी बंदूक लेने के लिए लपके। कोर्ट में अपनी सफाई में हिल्टन ने कहा कि उन्होंने खुद को गोली मारने की कोशिश की थी, जो गलती से उसकी वाइफ को लग गई। लेकिन यह दलील कोर्ट में बेमानी रही क्योंकि लर्लिन की बॉडी में 7 गोलियां दागी गई थीं।

हिल्टन ने कोर्ट में अपने बचाव के लिए कई दलीलें दीं लेकिन कोर्ट ने उनकी सारी दलीलों को दरकिनार कर दोषी माना, क्योंकि लर्लिन की बॉडी में 7 गोलियां लगी थीं। 20 अक्टूबर 1954 को उन्हें लर्लिन के मर्डर का दोषी पाया।

17 मई 1955 उनकी फांसी के लिए तारीख तय हुई। ये वो दिन तह जब ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच केंसिग्टन ओवल मैदान पर ही टेस्ट मैच खेला जा रहा था। मैदान पर कई ऐसे लोग पहुंचे थे जो चाहते थे कि हिल्टन को माफ़ कर दिया जाए क्योंकि वहां एक बैनर दिखाई दिया था जिसपर लिखा था "सेव हिल्टन" लेकिन सभी प्रयास विफल हुए और हिल्टन नहीं बचाए जा सके, अंततः उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया।