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दो विश्व कप पर पड़ चुका है बहिष्कार का साया, एक-दो नहीं, चार-चार टीमों ने किया है ऐसा

1996 विश्व कप में आस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने किया था ऐसा 2003 विश्व कप में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने दोहराई कहानी आईसीसी ने बहिष्कार करने वालों के खिलाफ दिया निर्णय

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दो विश्व कप पर पड़ चुका है बहिष्कार का साया, एक-दो नहीं, चार-चार टीमों ने किया है ऐसा

नई दिल्ली : विश्व में मैचों का बहिष्कार करने पर आईसीसी (ICC) कड़ा रुख अपनाता रहा है। पुलवामा हमले के बाद जब यह चर्चा चली थी कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ मैच नहीं खेल सकता है, तब भी आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया था कि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं और ऐसी स्थिति में वह उस मैच का विजेता पाकिस्तान को घोषित कर देगा। आईसीसी के स्पष्ट रुख के बावजूद विश्व कप में एक दो बार नहीं, बल्कि चार बार ऐसा हो चुका है और दो विश्व कप पर इसका साया पड़ चुका है। आइए जानते हैं विश्व कप के कुछ मैचों का बहिष्कार करने वाली टीम के बारे में और उनका नतीजा क्या रहा।

ऑस्ट्रेलिया, 1996 वर्ल्ड कप
आस्ट्रेलिया पहला देश था, जिसने विश्व कप में मैच नहीं खेलने का निर्णय लिया था। यह 1996 का विश्व कप था। इस विश्व कप को भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका मिलकर करा रहे थे। इस समय श्रीलंका में गृहयुद्ध चरम पर था। लिट्टे का आतंक था और एक महीना पहले ही आस्ट्रेलिया के श्रीलंका दौरे के समय उसके होटल के सामने बम फटा था। इस वजह से उसने श्रीलंका जाकर मैच खेलने से इनकार कर दिया। लेकिन आईसीसी ने कड़ा कदम उठाते हुए इस मैच का विजेता श्रीलंका घोषित कर दिया। यह मैच 16 फरवरी 1996 को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में शेड्यूल था।

वेस्टइंडीज, 1996 वर्ल्ड कप
इस विश्व कप में श्रीलंका जाकर खेलने से मना करने वाली टीम आस्ट्रेलिया इकलौती नहीं थी। उसके साथ वेस्ट इंडीज ने भी श्रीलंका जाकर खेलने से मना कर दिया था। इन दोनों के बीच 25 फरवरी को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के आर प्रेमदासा में ही खेला जाना था। लेकिन वेस्टइंडीज की टीम ने भी सुरक्षा कारणों से वेस्टइंडीज में खेलने से मना कर दिया। इस मैच का विजेता भी श्रीलंका को घोषित कर दिया गया।

इंग्लैंड, 2003 वर्ल्ड कप
1996 के विश्व कप के बाद मात्र एक विश्व कप 1999 का शांति से खेला गया। इसके बाद 2003 के विश्व कप में इंग्लैंड ने बागी तेवर दिखाए। इस मैच का आयोजन वेस्टइंडीज, जिम्बाव्वे और केन्या में खेला जा रहा था। कार्यक्रम के अनुसार इंग्लैंड को जिम्बाव्वे से हरारे जाकर मैच खेलना था, लेकिन ने वहां जाकर खेलने से मना कर दिया। यह फैसला शुद्ध रूप से राजनीतिक फैसला था। इंग्लैंड ने यह फैसला जिम्बाव्वे के तत्कालीन राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे की श्वेत मूल को लेकर जो नीतियां थी, उसके खिलाफ यह कदम उठाया था। आईसीसी ने उसकी इस दलील को नहीं माना और इस मैच का विजेता जिम्बाव्वे को को घोषित कर दिया।

न्यूजीलैंड, 2003 वर्ल्ड कप
साल 2003 के विश्व कप में इंग्लैंड ने जिम्बाव्वे जाने से राजनीतिक कारणों से मना किया तो वहीं न्यूजीलैंड ने सुरक्षा कारणों से केन्या जाकर मैच खेलने से मना कर दिया। बता दें कि विश्व कप आयोजकों को आतंकी संगठन बोकोहराम की तरफ से विश्व कप मैच न होने देने की धमकी मिली थी। इसी के मद्देनजर किवी खिलाड़ियों ने वहां जाकर खेलने से मना कर दिया। इस पर आईसीसी ने कीवी खिलाड़ियों को सुरक्षा देने की पूरी गारंटी दी। इसके बावजूद न्यूजीलैंड मैच खेलने केन्या नहीं गया तो आयोजकों ने केन्या को विजेता घोषित कर दिया।

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