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जब सचिन तेंदुलकर को अंडरवियर में टिश्यू पेपर लगाकर खेलना पड़ा मैच, जानिए वजह

इस बात का खुलासा खुद सचिन ने किया था। इसके साथ ही उन्होंने अपनी बायोग्राफी 'प्लेइंग इट माय वे' में भी इस किस्से का जिक्र किया है।

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Sachin tendulkar

Sachin tendulkar

दिग्गज भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपने कॅरियर में कई रिकॉर्ड बनाए हैं। उनके कई रिकॉर्ड तो ऐसे हैं, जिन्हें आज तक कोई नहीं तोड़ पाया। परिस्थिति कैसी भी हो, लेकिन मैदान पर सचिन डरकर खेलते थे। वर्ष 2003 के वर्ल्ड कप के दौरान कुछ ऐसा हुआ था कि सचिन को अपने अंडरवियर में टिश्यू पेपर लगाकर बल्लेबाजी करनी पड़ी थी। इस बात का खुलासा खुद सचिन ने किया था। इसके साथ ही उन्होंने अपनी बायोग्राफी 'प्लेइंग इट माय वे' में भी इस किस्से का जिक्र किया है।

सचिन का पेट हो गया था खराब
यह किस्सा वर्ष 2003 के वर्ल्ड कप के दौरान का है। टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच मैच खेला जा रहा था। जोहान्सबर्ग में खेले गए इस मैच में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और वीरेन्द्र सहवाग ओपनिंग करने आए। उस वक्त सचिन तेंदुलकर का पेट काफी खराब हो गया था। ऐसे में सचिन ने मैच छोड़ने की बजाय अपने अंडरवियर में टिश्यू पेपर लगाया और मैदान पर बल्लेबाजी करने आ गए। उस मैच में सचिन ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 97 रनों की पारी खेली थी और टीम इंडिया को जीत दिलाई थी।

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नमक वाला पानी पीकर हालत हो गई थी खराब
सचिन तेंदुलकर ने अपनी बायोग्राफी में इस घटना का जिक्र करते हुए लिखा है कि उन्हें उस वक्त काफी दिनों से डिहाईड्रेशन की समस्या हो रही थी। इसके साथ ही उनके पेट में मरोड़ भी उठ रहे थे। ऐसे में सचिन ने एनर्जी ड्रिंक में एक चम्मच नमक मिलाकर पी लिया था। उन्हें लगा था कि इससे उनकी हालत में थोड़ा सुधार आएगा, लेकिन हुआ इसका उल्टा। इससे नमक वाला पानी पीने से सचिन की हालत ज्यादा खराब हो गई थी।

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'खुद को बर्दाश्त की हदों से परे धकेला'
सचिन तेंदुलकर ने अपनी बायोग्राफी में लिखा कि उन्होंने किसी तरह उस मैच में 97 रन बनाए, लेकिन बैटिंग करते वक्त पेट में मरोड़ उठा अच्छा अनुभव नहीं था। साथ ही उन्होंने लिखा था कि वह अपने आप को बर्दाश्त की हदों से परे धकेल रहे थे, लेकिन आखिर में जब नतीजे सही रहे, तब जाकर बहुत खुशी हुई। इस मैच में सचिन के 97 रनों की पारी की वजह से भारत ने 183 रनों से जीत हासिल की। हालांकि इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया फाइनल में पहुंचने के बाद टूर्नामेंट जीत नहीं पाई थी। वहीं सचिन को इसमें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' के खिताब से भी नवाजा गया था।