
Supreme Court Recruitment 2019
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 2002 गुजरात सांप्रदायिक दंगों के दौरान सरदारपुरा गांव नरसंहार मामले में 14 दोषियों को जमानत दे दी, जहां पर इस दौरान 33 लोगों को जिंदा जला दिया गया था।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाए गए 14 दोषियों को जमानत दे दी। इस दौरान अदालत ने सभी को निर्देश दिए कि वे जमानत की अवधि के दौरान सामाजिक और आध्यात्मिक सेवा करें। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोषियों का एक समूह इंदौर जाएगा जबकि दूसरा जबलपुर।
वहीं, भोपाल विधिक सेवा प्राधिकरण ने दोषियों के लिए रोजगार के अवसरों का सुझाव देने का निर्देश दिया है और कानूनी सेवा प्राधिकरण को अदालत में तीन महीने के भीतर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है।
बता दें कि इन दोषियों ने अक्टूबर 2016 के गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। गुजरात हाईकोर्ट ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
जमानत पाने वालों में प्रहलादभाई जगभाई पटेल, विजयभाई राजीवभाई पटेल और दिलीपभाई विनुभाई पटेल भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि 27 फरवरी 2002 को गुजरात स्थित गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस के S-6 कोच में आग लगाने के बाद 58 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद गुजरात में कई स्थानों पर तीन दिनों तक चले दंगों में एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।
Updated on:
28 Jan 2020 05:54 pm
Published on:
28 Jan 2020 02:54 pm
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