
महाराष्ट्र: चार नाबालिगों ने डॉग के बच्चों को उतारा मौत के घाट, पहले आंखें निकालीं फिर दे मारा पत्थर
ठाणे। महाराष्ट्र में डॉग्स के बच्चे के साथ विभत्स घटना सामने आई हैं। यहां ठाणे में चार बच्चों ने मिलकर तीन पिल्लों को दर्दनाक मौत दे दी। नाबालिगों ने जिस तरीके से घटना को अंजाम दिया है। उस घटना के बारे में सोच कर ही दिल सहम जाता हैं। खबरों के मुताबिक, बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए बच्चों ने कथित रूप से श्वान के बच्चों की आंखें निकाल दी, उनकी हड्डियां तोड़ दी और फिर पत्थर से कूचल कर मार डाला।
पेटा ने की कार्रवाई की मांग
इस खबर के आने के बाद पीपल फॉर द एथिक्ल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल (पेटा) ने ठाणे पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर जांच की मांग की है, साथ ही आरोपी बच्चे को बालसुधार गृह भेजने उनकी काउंसलिग की भी बात कही। पेटा ने अपने पत्र में भारतीय दंड संहिता की धारा 429 और द प्रिवेंशन ऑफ क्रूरिटी टू एनिमल (पीसीए) एक्ट, 1960 की धारा 11(1)(a) और (l) का जिक्र किया है। पत्र में ये भी कहा गया है कि जिस स्कूल में आरोपी बच्चे पढ़ते हैं उसमें मानवीय शिक्षा किट भेजकर जानवरों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। बता दें कि ये मामला पेटा इंडिया के संज्ञान में तब आया जब एनिमल वेलफेयर ट्रस्ट की संस्थापिका प्रियंका डाधोलकर ने पेटा इंडिया को फोन किया। प्रियंका आवारा जानवरों की देखभाल करने वाला एनजीओ चलाती हैं। पेटा इंडिया और प्रियंका अब पुलिस से आरोपी बच्चों के माता-पिता को समन भेजने के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने चेताया है कि कोई इंसान बच्चों का अगला शिकार बने, उन्हें पेशेवर मदद की आवश्यकता है। पेटा आपातकालीन प्रतिक्रिया समन्वयक मेट अशर का कहना है कि, " आज पिल्लों को मारने से पहले उनकी आंखें बाहर निकाली गई हैं, उनकी हड्डियां तोड़ दी गई। अगर इस क्रुर व्यवहार पर ध्यान नहीं दिया गया तो अगला पीड़िता मानव होगा।
Published on:
18 Sept 2018 02:27 pm

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