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15 रुपए का ब्याज 10 हजार मांग रही बैंक

एक युवक ने बैंक की मनमानी की शिकायत करते हुए बताया कि उससे 15 रुपए का ब्याज 10 हजार रुपए मांगा जा रहा है

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15 रुपए का ब्याज 10 हजार मांग रही बैंक

15 रुपए का ब्याज 10 हजार मांग रही बैंक

शिवपुरी. कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में एक युवक ने बैंक की मनमानी की शिकायत करते हुए बताया कि उससे 15 रुपए का ब्याज 10 हजार रुपए मांगा जा रहा है।

शहर की वीर सावरकर कॉलोनी में रहने वाले आकाश पुत्र राजकुमार जैन ने वर्ष 2017 में व्यवसाय के लिए 5 लाख का लोन देहात थाना क्षेत्र में स्थित ङ्क्षसडीकेंट बैंक से लिया था। इस लोन की ब्याज सहित पूरी राशि चार साल बाद 2021 में जमा कर दी थी, जबकि उसे लोन पांच साल में चुकाना था। लोन चुकाने के बाद भी बैंक ने उस पर 10 हजार रुपए की रिकवरी निकाल दी। आकाश जैन ने बताया कि मैंने पूरा लोन चुका दिया था, लेकिन फिर भी जब 10 हजार की रिकवरी निकाली तो मैं उसके बारे में पूछने के लिए बैंक पहुंंचा। बैंक वालों ने बताया कि तुम्हारे ऊपर 15 रुपए बकाया रह गए थे, उसका ब्याज 10 हजार रुपए हो गया। तुम्हे यह 10 हजार रुपए चुकाने पड़ेंगे। आकाश का कहना है कि जब हमने 5 लाख का लोन मय ब्याज के चुकाया है, तो 15 रुपए देने में क्या परेशानी थी, लेकिन बैंक द्वारा यह उपभोक्ताओं के साथ मनमानी है।


मुक्तिधाम की गिरा दी दीवार
ग्राम पंचायत खोरघार के सरपंच मलखान जाटव ने जनसुनवाई में शिकायत की है कि हमारे गांव मे मुक्तिधाम का निर्माण कार्य चल रहा है तथा छह फीट की दीवार बनकर तैयार हो गई थी। रात के अंधेरे में कोई उन दीवारों को गिरा गया। अब मुक्तिधाम के लिए जो बजट आया था, वो एक ही बार खर्च होता है, लेकिन बनी हुई दीवार गिरा देने से मुक्तिधाम के लिए पैसा कहां से लाएं। सरपंच ने बताया कि हमारी पंचायत का सचिव पहलवान ङ्क्षसह रावत भी बिना सहमति के काम कर रहा है, इसलिए उसे भी वहां से हटाया जाए।

कक्षा 9-10 की छात्राओं के साइकिल मांगने पर अभिभावकों को दी एफआइआर की धमकी
जिले के ग्राम सेंवढ़ा में रहने वालीं कक्षा 9 व 10वीं की छात्राएं मंगलवार को अभिभावकों के साथ कलेक्ट्रेट में चल रही जनसुनवाई में साइकिल मांगने के लिए शिकायती आवेदन लेकर आईं। चूंकि इन छात्राओं को अपने गांव से 3 किमी दूर पैदल हिम्मतगढ़ स्कूल पढऩे जाना पड़ता है। छात्राओं की समस्या का निराकरण करने की बजाय जनसुनवाई में बैठे डिप्टी कलेक्टर अंकुर रवि गुप्ता ने सीधे ही छात्राओं के अभिभावकों पर एफआइआर की धमकी दे डाली।
कलेक्ट्रेट पहुंचीं छात्राओं का कहना है कि स्कूल दूर होने पर शासन द्वारा छात्राओं को साइकिल दी जाती है। हम लोग दो साल से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हमें अभी तक साइकिल नहीं मिली। जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने नहीं सुनी तो हम आज कलेक्ट्रेट में शिकायत करने आए हैंं। उधर डिप्टी कलेक्टर अंकुर रवि गुप्ता ने छात्राओं की समस्या सुनने की बजाय उनके अभिभावकों के खिलाफ एफआइआर कराने की धमकी देते हुए बाहर निकालने को कहा। इन छात्राओं को चाइल्ड लाइन की कार्यकर्ता जनसुनवाई में लेकर आई थी, लेकिन वो स्वयं अंदर नहीं गई तथा एफआइआर की धमकी सुनकर वो वहां से गायब हो गई। बाद में शिक्षा विभाग के रोहिणी अवस्थी ने कहा कि सेवढ़ा में जगह न होने की वजह से यह छात्राएं हिम्मतगढ़ स्कूल जाती हैं, लेकिन पोर्टल पर उनके स्कूल का सेवढ़ा ही लिखा है, इसलिए उन्हें साइकिल नहीं मिल रही। हम शासन को पत्र भेज रहे हैं, ताकि छात्राओं को साइकिल मिल जाए।