
क्या सुशासन राज में लौटा रहा जंगलराज, जानिए पूरी खबर ?
नई दिल्ली: बिहार में क्या जंगलराज लौट गया है। क्या अपराधियों में कानून का डर खत्म हो रहा है। या फिर सुशासन राज में पुलिस ने अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसना छोड़ दिया है। इन दिनों बिहार में दिनदहाड़े लूट, हत्या, अपहरण, रेप, मॉब लिंचिंग की वारदात सामने आ रही है। विपक्ष लगातार सरकार को इन मुद्दों पर घेर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अपराधियों पर लगाम लगाने में विफल है। सरकार कानून के मामले पर बैकफुट पर नजर आ रही है। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी खुद अपराधियों से विनती कर रहे हैं। मोदी अपराधियों से कह रहे हैं कि आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि कम से कम पितृपक्ष में वारदात को अंजाम न दे। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि सरकार अपराधियों के सामने बैकफुट पर आ गई है।
सूबे में महिला सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती
दरअसल बिहार में पिछले कुछ समय से महिला सुरक्षा बड़ी चुनौती बनी हुई है। हत्या, लूट जैसी कई वारदात आए दिन हो रही है। मुजफ्फरपुर का बालिका गृह कांड या फिर पटना का शेल्टर होम तो जगजाहिर है। जिसमें बेटियों के साथ किस तरह की घिनौनी हरकतें की गई है। आश्रय गृहों की हाल काफी खराब है। पिछले दिनों मुजफ्फरपुर जिले में मंगलवार को फिरौती नहीं देने पर एक हार्डवेयर कारोबारी को अपहरण कर हत्या कर दी गई। वहीं एक बैंक मैनेजर को दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया गया। जबकि पिछले दिनों पूर्व मेयर समीर कुमार को अपराधियों ने AK-47 से भून दिया था। पटना में एक व्यवसायी को घर से उठाकर हत्या कर दी गई। सबसे खास बात ये हैं कि इस मामले में अभी तक किसी मुख्य अपराधी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दे रही है।
खौफ के साए में लोग
गौरतलब है कि नीतीश सरकार में कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त थी। नीतीश सरकार को सुशासन राज कहा जा रहा था। लेकिन पिछले कुछ सालों से बिहार में अपराध और अपराधियों का बोलबाला है। सीवान में आरजेडी नेता शाहबुद्दीन के खिलाफ खबर करने पर पत्रकार राजीव रंजन की हत्या कर दी गई थी। बिहार के लोगों का कहना है कि बिहार में ऐसा लग रहा है जैसे 1990 से 2000 वाला समय लौट आया है। इसमें हत्या, फिरौती, डकैती, लूट जैसी वारदात खुलेआम होती थी। अपराधियों के अंदर से कानून का डर खत्म हो गया था।
विपक्ष के निशाने पर नीतीश सरकार
सूबे में बढ़ते अपराधों पर सरकार विपक्ष के निशाने पर है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लगातार इस्तीफे की मांग कर रहे हैं । तेजस्वी का आरोप है कि बिहार में चारों तरफ अराजकता का माहौल है । कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
Published on:
03 Oct 2018 07:08 pm

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