3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

माफिया डॉन अरुण गवली की उम्रकैद की सजा बरकरार, घर में घुसकर की थी हत्या

शिवसेना पार्षद की हत्या के मामले में निचली अदालत ने सुनाई थी सजा 2008 में घर में घुसकर की थी पार्षद की हत्या

less than 1 minute read
Google source verification
arun gawli

मुंबई। माफिया डॉन अरुण जी. गवली को लेकर सोमवार को बम्बई हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत शिवसेना पार्षद की हत्या के मामले में निचली अदालत द्वारा 2012 में दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।

घर में घुसकर की थी हत्या

न्यायमूर्ति बी. पी. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति स्वप्ना जोशी एक खंडपीठ ने पूर्व विधायक गवली के साथ ही इस अपराध में शामिल उसके कुछ अन्य सहयोगियों की सजा की भी पुष्टि की। उल्लेखनीय है कि गवली द्वारा भेजे गए कुछ हमलावरों ने मार्च 2008 में शिवसेना पार्षद कमलाकर जमसांडेकर के घाटकोपर स्थित घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी थी।

2012 में सुनाई गई थी आजीवन कारावास की सजा

दो महीने के बाद गवली को गिरफ्तार कर लिया गया और एक विशेष अदालत ने उसे 2012 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसकी पुष्टि अब बम्बई हाईकोर्ट ने भी कर दी है। माफिया डॉन तब से जेल में है और वर्तमान में वह नागपुर सेंट्रल जेल में बंद है।

Story Loader