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घटिया निर्माण पर चार इंजीनियरों का एक-एक माह का वेतन राजसात

दरअसल गुढ़ा चंबल पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्रामदेवा की नरी में तालाब निर्माण कार्य की बंड पूरी थी मगर कै चमेंट एरिया एवं भराव मानक के अनुरूप नहीं था।

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मुरैना. घटिया निर्माण कराने वाले अधिकारी अब शासन की नजर से बच नहीं पा रहे हैं। मुरैना जिले में ऐसे ही चार इंजीनियरों पर जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने ऐसे चार इंजीनियरों के एक-एक माह का वेतन राजसात कराया है।

अब तक निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी गोलमाल करके बच जाया करते थे। फर्जी भुगतान व काम न होने के बावजूद भी उनका कोई कुछ नहीं कर पाता था। मुरैना जिले की जनपद पंचायत जौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत गुढ़ाचंबल में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। इस पर जिला पंचायत सीईओ कमलेश कुमार भार्गव ने चार उपयंत्रियों का एक माह का वेतन राजसात, वर्तमान व तत्कालीन पंचायत सचिवों को निलंबित करने और रोजगार सहायक का ५० प्रतिशत वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।

यह मिली थी शिकायत

शिकायत मिलने पर परीक्षण हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुरैना कमलेश कुमार भार्गव द्वारा जिला स्तरीय दल से जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में पंचमेश्वर मद से ई-कक्ष निर्माण कार्य के अंतर्गत छत ढलाई का कार्य प्रगतिरत था, ङ्क्षकतु कॉलम निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। कॉलमों में हनी कॉङ्क्षम्बग पाई गई तथा सरिया एवं स्टील कवर निर्धारित मानक (40 मिमी) के अनुरूप नहीं था। कॉलम निर्माण में वर्कमैनशिप भी असंतोषजनक पाई गई।

देवा की नरी गांव में भी यह गड़बड़ी मिली

ग्राम देवा की नरी, गुढ़ाचंबल में तालाब निर्माण कार्य की बंड (मेड़) पूर्ण पाई गई, जांच के दौरान तालाब का कैचमेंट एरिया एवं भराव क्षेत्र मानक के अनुसार नहीं पाया गया। निरीक्षण के समय तालाब सूखा पाया गया तथा उसमें खेती की जा रही थी। उक्त जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुरैना द्वारा उपयंत्री राजवीर ङ्क्षसह परमार, निर्मल गुप्ता, सोनेराम शाक्य एवं तत्कालीन उपयंत्री संतोषी जोशी का एक-एक माह का वेतन राजसात किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।

पंचायत सचिवों व रोजगार सहायक पर भी कार्रवाई

जांच कार्य में लापरवाही एवं अनियमितताएं पाए जाने पर पंचायत सचिव आदिराम सिकरवार एवं तत्कालीन पंचायत सचिव रामवरण तोमर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं ग्राम रोजगार सहायक राजकुमार सिकरवार को निर्धारित मानदेय के स्थान पर मात्र 50 प्रतिशत पारिश्रमिक दिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।