
नई दिल्ली। हैदराबाद में 27 नवंबर की रात से लेकर 6 दिसंबर 10 दिनों के भीतर काफी दिल दहला देने वाली घटनाएं हुईं। बुधवार रात को पशु चिकित्सक डॉ. दिशा (बदला हुआ नाम) के अपहरण से लेकर शुक्रवार तड़के चारों आरोपियों की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर लोगों के मन में तमाम जिज्ञासाए हैं। आइए जानते हैं कि इस केस में कब क्या हुआ। पेश है पूरा घटनाक्रमः
27 नवंबर 2019: हैदराबाद की आउटर रिंग रोड पर टोंडुपल्ली टोल प्लाजा से चार व्यक्तियों ने पशु चिकित्सक दिशा का अपहरण कर लिया।
28 नवंबर: सुबह शादनगर में चटनपल्ली के पास एक अंडरपास पर दिशा का अधजला शव मिला। मृतक के पिता ने अवशेषों की पहचान की।
29 नवंबर: पुलिस ने मो. आरिफ, जोलू नवीन, जोलू शिवा और नारायणपेट जिला निवासी चेन्नाकेशवुलु को पकड़ लिया। दिशा के इस नृशंस सामूहिक बलात्कार और हत्या के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन शुरू।
30 नवंबर: शादनगर टाउन में अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन के बाद आरोपी को स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन में लाया गया। आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी हैदराबाद के चारलापल्ली सेंट्रल जेल में शिफ्ट हो गया।
1 दिसंबर: मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अधिकारियों को दिशा से सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले की जांच के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्देश दिया।
2 दिसंबर: शादनगर अदालत में साइबराबाद पुलिस ने एक याचिका दायर की। इसमें डॉ. शिवा से गैंगरेप और हत्या के चार आरोपियों को हिरासत में लेने की मांग की गई।
4 दिसंबर: शादनगर अदालत ने आरोपी को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।
5 दिसंबर: साइबराबाद पुलिस की एक विशेष जांच टीम ने आरोपी को आगे की जांच के लिए हिरासत में लिया।
6 दिसंबर 2019: चटनपल्ली के पास रंगारेड्डी ओवरब्रिज के नीचे तड़के तेलंगाना पुलिस ने चार आरोपियों को एक मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए जब चारों आरोपियों को वहां ले जाया गया, उनमें से दो पुलिसवालों से हथियार छीनकर हमला करते हुए भागे और पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई फायरिंग में उनकी गोली लगने से मौत हो गई। इस दौरान एक सब इंस्पेक्टर और सिपाही भी घायल हो गया।
Updated on:
06 Dec 2019 08:51 pm
Published on:
06 Dec 2019 08:42 pm
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