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जाकिर नाईक के बाद एक और इस्लामिक उपदेशक की गिरफ्तारी, पढ़ाता था नफरत का पाठ!

जाकिर नाईक के बाद इस्लामिक उपदेश एम एम अकबर पर भी छात्रों के बीच सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगा है।

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Kapil Tiwari

Feb 25, 2018

M M Akbar

M M Akbar

तिरुवनन्तपुरम: इस्लामिक धर्म प्रचारक और वहाबी स्कॉलर रहे जाकिर नाईक के बाद एक और इस्लामिक उदेशक पर छात्रों के बीच नफरत फैलाने का आरोप लगा है और उस आरोप के तहत एम एम अकबर इस्लामिक उपदेशक को गिरफ्तार किया गया है। काफी चर्चित इस्लामिक धर्म उपदेश और पीस इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर एम एम अकबर को केरल पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। अकबर पर आरोप है कि वो अपने उपदेश और भाषण के जरिए छात्रों में सांप्रदायिकता फैलाते हैं। एम एम अकबर को 'केरल का जाकिर नाईक' भी कहा जाता है।

ऑस्ट्रेलिया से आया था हैदराबाद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अकबर ऑस्ट्रेलिया से हैदराबाद आया था और यहां से वह सोमवार को दोहा की फ्लाइट लेने वाला था। एमएम अकबर जनवरी 2018 में उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब केरल सरकार ने विभिन्न समुदायों के बीच धर्म के आधार पर नफरत फैलाने के आरापों के तहत कोच्चि स्थित उसका स्कूल बंद करा दिया था।

अकबर के स्कूल से 21 लोग जुड़े थे ISIS से!
इतना ही नहीं एम एम अकबर उस वक्त भी विवादों में रहा था, जब उसके स्कूल से 21 लोग कथित रुप से अफगानिस्तान और सीरिया जाकर आईएसआईएस से जुड़ गए थे। इन लापता लोगों में पीस स्कूल का एक कर्मचारी अब्दुल रशीद भी था, जिसे इस समूह का सरगना बताया जा रहा था। रशीद के साथ उसकी पत्नी यासमीन अहमद का लापता हो गई थी। वह भी इसी स्कूल में पढ़ाया करती थी।

कौन है एम एम अकबर
एमएम अकबर पीस इंटरनेशनल स्कूल का मैनेजिंग डायरेक्टर है। केरल के अलग-अलग जिलों में इस स्कूल की 13 शाखाएं हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्रों को पढ़ाई जाने वाली एक किताब को लेकर काफी हंगामा मचा था। इस किताब के एक चैप्टर में कथित रूप से इस्लामिक रूढ़ीवाद और धर्मांतरण को बढ़ावा देने की बात कही गई थी।

इस मामले में जांच दल ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया था, जिन्होंने कथित रूप से यह कबूल किया था कि उनका लक्ष्य 5 से 13 साल के बच्चों में कट्टरपंथी विचारों को बढ़ाना था। वहीं एक अधिकारी के मुताबिक, ‘किताब छापने वाली कंपनी इस गलती को स्वीकार किया था और इस पुस्तक को वापस लेते हुए कहा था कि अगले एकैडमिक सेशन से नई किताब बांटी जाएगी।’

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