वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक जिस तरह से महिलाओं, बच्चों के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं उसे कम करने की जरूरत है। लेकिन, ये आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। यह तो वे आंकड़े हैं जो पंजीकृत हैं। बहुत सारे अपराध में पंजीकरण ही नहीं होता। फिर भी जो पंजीकृत मामले हैं अगर उसमें सजा का प्रावधान तेज हो जाए तो अपराध में कमी लाई जा सकती है। पुलिस को भी अपनी कार्ययोजना में सुधार करना होगा नहीं तो यह खतरे की घंटी है।