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निर्भया केसः दोषियों के वकील बोले- भगवान नहीं हैं राष्ट्रपति या सुप्रीम कोर्ट के जज, हो सकती है गलती

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दोषी अक्षय ठाकुर की क्यूरेटिव पेटिशन। इस याचिका के जरिये फांसी पर रोक लगाने की मांग की गई थी। वकील नहीं छोड़ना चाहते हैं बचने का एक भी रास्ता।

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वकील एपी सिंह

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप-मर्डर केस में दोषियों के वकील एपी सिंह ने बृहस्पतिवार को एक दोषी की याचिका खारिज होने के बाद बड़ी बात कही। सिंह ने कहा कि गलती किसी से भी हो सकती है और राष्ट्रपति या सुप्रीम कोर्ट के जज भगवान नहीं हैं।

निर्भया केसः फांसी की तारीख पर स्टे लगाने की याचिका पर सुनवाई कल

दरअसल, बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की बेंच ने निर्भया केस के एक दोषी अक्षय ठाकुर की एक याचिका पर सुनवाई की। आगामी 1 फरवरी को फांसी देने पर स्टे लगाने वाली इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

इसके बाद मीडिया से बातचीत में दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा, "चाहे सुप्रीम कोर्ट के पांच वरिष्ठ जज हों या फिर भारत के राष्ट्रपति। वे भगवान नहीं हैं। ऐसा नहीं कि वो गलती नहीं कर सकते।"

उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट क्यूरेटिव पेटिशन के आधार से सहमत नहीं थी। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि पटियाला हाउस कोर्ट में दोषियों को फांसी देने पर रोक लगाने संबंधी याचिका भी दायर की है। सिंह ने कहा, "इस मामले में एक दोषी पवन कुमार गुप्ता के नाबालिग होने के संबंध में भी एक रिव्यू पेटिशन दाखिल करेंगे।"

निर्भया केस में आगे बढ़ सकती है दोषियों की फांसी की तारीख, विनय ने राष्ट्रपति के पास भेजी दया याचिका

गौरतलब है कि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बीती 17 जनवरी को निर्भया गैंगरेप-मर्डर केस के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज कर दी थी।

दया याचिका खारिज होने के बाद दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी कर दिया था। इस डेथ वारंट के मुताबिक चारों दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को आगामी 1 फरवरी की सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी।

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