
अगले महीने देश के आएगी यौन अपराधियों की रजिस्ट्री
नई दिल्ली। महिलाओं के खिलाफ अपराध में संलिप्त लोगों के नाम उजागर करने के साथ उन्हें सार्वजनिक करने के उद्देश्य से अगले महीने नेशनल रजिस्ट्री ऑफ सेक्स ऑफेंडर्स यानी यौन अपराध में शामिल व्यक्तियों की सूची लॉन्च की जाएगी। सरकार को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि 2015 की तुलना में 2016 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में करीब तीन फीसदी की बढ़ोतरी हुई जबकि बलात्कार की घटनाओं में 12 फीसदी ईजाफा हुआ।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "नेशनल रजिस्ट्री ऑफ क्राइम्स अगेन्स्ट वीमेन को अगले महीने लॉन्च किया जाएगा। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) से इसमें रिकॉर्ड्स लिए जा रहे हैं।" यौन अपराधियों की रजिस्ट्री को प्रबंधित करने के लिए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो इसकी नोडल एजेंसी होगी।
अधिकारी के मुताबिक इस रजिस्ट्री के जरिये कानून व्यवस्था का पालन करने में लगी एजेंसियों को बार-बार अपराध करने वालों की पहचान करना आसान होगा, जबकि लोग भी यौन अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के बारे में जागरूक हो सकेंगे।
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक जहां वर्ष 2015 में बलात्कार के 34,651 दर्ज किए गए, वर्ष 2016 में यह आंकड़े 38,947 पर पहुंच गए। वहीं, महिलाओं के खिलाफ सभी अपराधों की बात करें तो वर्ष 2015 में 3 लाख 29 हजार 243 मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2016 में इनकी संख्या बढ़कर 3 लाख 38 हजार 954 पहुंच गई।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों का वर्गीकरण करें तो कुल दर्ज मामलों में सर्वाधिक केस पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा की जाने वाली क्रूरता रही और यह कुल मामलों का 32.6 फीसदी रहा। इसके बाद बारी आती है 25 फीसदी मामलों वाले महिला यौन शोषण की जो गलत ईरादे से किया गया हो। वहीं, महिलाओं का अपहरण और भगाने के 19 फीसदी जबकि बलात्कार के 11.50 फीसदी मामले दर्ज किए गए।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि वर्ष 2016 में मध्य प्रदेश में बलात्कार के सर्वाधिक 4,882 मामले दर्ज किए गए, जबकि इसके बाद 4,816 के साथ उत्तर प्रदेश और फिर 4,189 वाला महाराष्ट्र आता है।
Updated on:
30 Aug 2018 10:35 am
Published on:
30 Aug 2018 10:25 am
बड़ी खबरें
View Allक्राइम
ट्रेंडिंग
