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सतलोक आश्रम: हिसार कोर्ट ने सुनाई रामपाल को उम्रकैद की सजा, मरते दम तक जेल

पांच दिन पहले रामपाल को हत्या के दो मामलों में हिसार की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया था। अहम फैसला सुनाने के लिए हिसार जेल में ही अदालत लगाई गई थी।

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सतलोक आश्रम: रामपाल समेत 15 दोषियों के खिलाफ हिसार कोर्ट आज सुनाएगी फैसला, उम्रकैद संभव

नई दिल्‍ली। हिसार के सतलोक आश्रम में चार साल पहले एक बच्चे और चार महिलाओं की मौत के मामले में दोषी रामपाल और उसके बेटे सहित 15 दोषियों पर हिसार विशेष कोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगी। इस बात की संभावना ज्‍यादा है कि रामपाल को उम्रकैद की सजा मिले। अदालत के संभावित फैसले को मद्देनजर पुलिस प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है। बता दें कि इस बात को लेकर हिसार में 10 अक्तूबर से ही धारा-144 लागू है।

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हिसार में सात जिलों की फोर्स तैनात
सतलोक आश्रम मामले में अदालत के फैसले को देखते हुए सात जिलों की पुलिस फोर्स सहित दो हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें तीन सौ आरएफ के जवान भी शामिल हैं। जिले के सभी प्रमुख चौराहों और नाकों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। एक आईजी, एक डीआईजी, छह एसपी और दस डीएसपी को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।

हत्‍या के आरोप में दोषी करार
आपको बता दें कि हिसार स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देशराज चालिया ने हत्या के दो केसों में 11 अक्तूबर को रामपाल, उसके बेटे और 28 अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने केस नंबर-429 में 15 दोषियों को सजा सुनाने के लिए 16 अक्तूबर का दिन तय किया था। जबकि केस नंबर-430 के 14 दोषियों को बुधवार को सजा सुनाई जाएगी। दोनों केसों में छह लोग कॉमन हैं। आरोपियों को आईपीसी की धारा 302, 343 और 120बी के तहत दोषी करार दिया गया है। केस नंबर-429 बरवाला के आश्रम में 16 नवंबर 2014 को हुई हिंसा में चार महिलाओं सहित डेढ़ साल की बच्चे की हत्या से जुड़ा है। इस केस में आरोपियों को आईपीसी की धारा 302, 343 व 120 बी के तहत दोषी करार दिया गया है। हिसार बार के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कालीरामणा के अनुसार इन धाराओं के दोषियों को फांसी और उम्रकैद की सजा के साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान है।