10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तमिलनाडुः सरकारी स्कूल का फिजिकल टीचर करता था छात्राओं का यौन उत्पीड़न, पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार

Tamil Nadu Sexual Harassment Case: तमिलनाडु पुलिस ने आज एक सरकारी स्कूल के शिक्षक के गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए शिक्षक पर आरोप है कि वो अपनी स्कूली छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया करता था।

2 min read
Google source verification
arrested_1.jpg

Tamil nadu: Physical Education Teacher Arrested in Sexual Harassment case

Tamil Nadu Sexual Harassment Case: सरकारी स्कूल का एक शिक्षक अपनी ही छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया करता था। गुरु-शिष्य के रिश्ते को तार-तार करने वाला यह मामला दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु से सामने आया है। शिक्षक के खिलाफ मिली शिकायत पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर के पास एक सरकारी स्कूल में एक फिजिकल एजुकेशन के शिक्षक को कई छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया। कोयबंटूर पुलिस ने यह जानकारी दी।

बताया गया कि वालपराई के 55 वर्षीय प्रभाकरन का हाल ही में कोयंबटूर के सरकारी स्कूल में तबादला हुआ था और तब से छात्राएं उनके बारे में शिकायत कर रही हैं। छात्राओं के अभिभावक ने आरोप लगाया कि छात्रों द्वारा प्रधानाध्यापिका से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। शुक्रवार की सुबह अभिभावक और छात्र अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ स्कूल में जमा हो गए और प्रभाकरण को गिरफ्तार करने की मांग की।

आरोपी शिक्षक पर छात्राओं को बुरी नीयत से छूने का आरोप-
छात्रों का कहना है कि जब से उन्होंने स्कूल ज्वाइन किया है, तब से वह उन्हें बुरी नीयत से छू रहा है और कई बार शिकायत करने के बाद भी उसे सजा नहीं मिली, इसलिए उन्हें स्कूल के सामने सामूहिक विरोध का सहारा लेना पड़ा। पुलिस उपायुक्त, कोयंबटूर दक्षिण, एन. सिलंबरासन, आरडीओ, कोमिबटोर साउथ, पी. एलंगो, आरडीओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी स्कूल पहुंचे और आंदोलनकारी अभिभावकों और छात्रों से बातचीत की। हालांकि, पुलिस द्वारा शिक्षक को गिरफ्तार करने के बाद ही प्रदर्शनकारी स्कूल परिसर से तितर-बितर हुए।

आरोपी शिक्षक का अभी तक सामने नहीं आया पक्ष-
प्रभाकरण पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बताते चले कि इस मामला के सामने आने के बाद अभिभावकों में काफी रोष है। दूसरी ओर मामले में अभी तक आरोपी शिक्षक का कोई पक्ष सामने नहीं आ सका है।