
नोखा तहसील के जसरासर में पुलिस थाने के लिए आबंटित जमीन को लेकर विवाद तूल पकड़ गया है। सोमवार को थानेदार और जमीन से जुड़े परिवार के लोगों में हाथापाई हो गई। हालात इस कदर बिगड़ गए कि पुलिस और जमीन से जुड़े लोग झगड़ पड़े। अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाना पड़ा।जानकारी के अनुसार, थानाप्रभारी संदीप पूनिया सोमवार को गश्त पर निकले, तो उन्हें पता चला कि थाने की जमीन पर की गई तारबंदी तोड़ दी गई है। जब वह तारबंदी तोड़ने वाले परिवार के लोगों को पाबंद करने पहुंचे, तब उन लोगों ने थानेदार को घेर कर दबोच लिया। उनके साथ मारपीट का प्रयास किया। वहीं जमीन से जुड़े परिवार के लोगों का कहना है कि हमने कोई तारबंदी नहीं तोड़ी, बल्कि तारबंदी के नजदीक खेत में काम कर रहे थे, तभी थानेदार संदीप पूनिया एक सिविल ड्रेस वाले व्यक्ति के साथ आए और मारपीट शुरू कर दी। दो युवकों को घसीट कर ले जाने का प्रयास किया। बीच-बचाव करने आई महिलाओं से भी बदसूलकी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ।
दावे अपने-अपने
परिवार का दावा है कि यह जमीन उनकी है। बिना इजाजत के पंचायत समिति थाने को आवंटित नहीं कर सकती। वहीं थानाधिकारी संदीप विश्रोई का कहना था कि जमीन पंचायत समिति ने थाने को आवंटित कर दी है। जमीन पुलिस थाने की है। थानाधिकारी बिश्नोई की रिपोर्ट पर मूलाराम उसके तीन बेटों, दो बेटों की पत्नियों और दो अन्य के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कराया गया है।
यह है विवाद
ग्राम पंचायत ने जिस जमीन का पट्टा थाने के नाम दर्ज किया है, वह जमीन गांव के मूलाराम की पुश्तैनी जमीन है। इसमें मूलाराम के साथ उसकी पत्नी, बेटा रेवंतराम और उसकी पत्नी, बेटा रामनिवास, बेटा विजयपाल रहते हैं। मूलाराम का कहना है कि जमीन पर कोर्ट का स्टे होने के बावजूद पुलिस ने जबरन कब्जा कर रखा है।
पांच गिरफ्तार
जमीन ग्राम पंचायत जसरासर ने पुलिस थाने के लिए आवंटित की थी। इसके बाद एसडीएम स्तर पर जमीन का सीमा ज्ञान करवाया था। सीमा ज्ञान से ही पता चला कि थाने के लिए जमीन कौन सी है। उसी जमीन पर कब्जा लिया गया था। जसरासर थानाधिकारी व पुलिस कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। सरकारी गाड़ी की लाइट तोड़ दी गई। पुलिस ने इस मामले में मूलाराम, उसके दो बेटों व दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। - तेजस्वनी गौतम, पुलिस अधीक्षक
Published on:
18 Jun 2024 01:38 am
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