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VIDEO…एक परिवार के एक साथ तीन शव घर से उठने पर देखने वालों की आंखे झलक पड़ी

- देवरी ख्वास गांव में मां और बेटे की एक साथ निकली शव यात्रा

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नीमच/मनासा। मनासा तहसील के देवरी ख्वासा गांव में सडक़ हादसे में एक परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद गांव में एक साथ अर्थी निकलने पर परिवार की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखे भी झलक उठी। गांव में जिसने भी यह शव यात्रा देखी, उनके मुंह से निकला कि भगवान किसी के साथ ऐसा न करें। इस हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया है, घर में गर्भवती एक बहू के अलावा कोई नहीं बचा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसा शनिवार सुबह करीब ४.३० बजे का है। मनासा-मंदसौर मार्ग पर वेन ने अपनी साइड छोडक़र दूसरी साइड जाकर ट्रेक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मारी। हादसा इतना भयावह था कि हादसे में वेन में सवार तीन लोगों की मौत हो गई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। जिनका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। इनमें से सहायक सचिव पप्पू पाटीदार जो कि वेन चला रहे थे, उनकी गम्भीर हालत है, उन्हें उदयपुर रेफर किया गया है। उक्त मामले मेंं जानकारी देते हुए सेवानिवृत्त पोस्टमैन ओमप्रकाश पाटीदार ने भावुक होते हुए रोते बिलखते हुए बताया की उक्त सडक़ हादसे ने मेरी भाभी,भतीजा और भतीजी को हमसे छीन लिया, मेरा भतीजा संदीप पाटीदार धार में कुक्षी में अध्यापक था उसकी पत्नी सीमा 6 माह की गर्भवती थी। पत्नी को देखकर पूरे गांव और परिवार वालो की आंख से आसू नही रुक रहे है। मेरी भाभी सुशीला बाई पति बंशीलाल पाटीदार संदीप की मां थी और मेरी भतीजी जयंती बाई पति गगन पाटीदार संदीप की बहन को भी भगवान ने हमसे छीन लिया

मां और बेटे की एक साथ उठी अर्थी तो बिलख उठा हर शख्स
सडक़ हादसे में मृतक मां और बेटे के शव एक साथ जब गांव में पहुंचा तो गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। घर से जब एक साथ दोनो मां बेटे की अर्थी उठी तो हर शख्स की आंख से आसू निकल रहे थे। वही परिजन और रिश्तेदार बिलख बिलख कर रो रहे थे। दोनो मां बेटे का अंतिम संस्कार भी गांव के मोक्षधाम पर एक साथ हुआ। वही घटना में शिक्षक संदीप पाटीदार की बहन जयंतीबाई की भी मौत हुई है। बहन का शव ससुराल वाले राजस्थान के नार वाले बरडिया ले गए। जहा पर अंतिम संस्कार हुआ।

परिवार में सिर्फ बहू बची
गांव के बद्रीलाल गुर्जर ने बताया कि हादसे वाले परिवार में स्वर्गीय बंशीलाल पाटीदार के परिवार में अब सिर्फ उनकी बहू मृतक सन्दीप पाटीदार की पत्नी ही बची है। संदीप वर्तमान में कुक्षी में अध्यापक थे। संदीप के पिता बंशीलाल पाटीदार की करीब १५ साल पहले सर्पदंश से मौत हो गई थी। अब इस हादसे में संदीप, उसकी मां सुशीला बाई, बहन जयंतीबाई की मौत हो गई है। जयंती बाई की शादी प्रतापगढ़ हुई है। उनका अंतिम संस्कार प्रतापगढ़ ही हुआ है। जबकि बड़ी बहन को वह जीरन छोडक़र आए थे। वही घायलों में ग्राम पंचायत देवरी खवासा सहायक सचिव पप्पू(30) पिता जगदीश पाटीदार, नमन (15)पिता यशवंत पाटीदार, सीमा (27) पति संदीप पाटीदार, रतनबाई(40) पति कमलाशंकर ,मोनिका (14) पिता रामकिशन पाटीदार, चंदा (15) पिता यशवंत पाटीदार सभी निवासी देवरी खवासा को भी चोटें आई। जबकि वाहन चला रहे गांव के पप्पू पाटीदार की हालत गंभीर होने पर उन्हें उदयपुर रैफर कर दिया गया है।

इनका यह कहना है
घटना सुबह करीब ४.३० बजे की है, श्री महाकाल के दर्शन कर परिवार जीरन बड़ी बहन छोडक़र गांव आ रहे थे। उसी वक्त वेन अनियंत्रित होकर रॉन्ग साइड में जाकर ट्रेक्टर-ट्रॉली में घुसी है। हादसे में तीन की मौत हुई और चार घायल है। संभवत: जल्द सुबह का मामला था, नींद की झपकी की कारण वेन अनियंत्रित हुई है। क्योकि वेन का स्टेयरिंग फेल या पंचर होने जैसी घटना नहीं हुई है। मर्ग कायम कर दुर्घटना में गंभीरता से और जांच की जा रही है।
– आरसी दांगी, थाना प्रभारी मनासा थाना।