9 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तिनसुकिया हत्याकांड का चश्मदीद बोला- कुछ लोग सेना की वर्दी में आए और मचा दिया कत्लेआम

तिनसुकिया के खेराईबेरी में गुरुवार शाम हुई इस जघन्य घटना में सिर्फ नामशूद्र ही जिंदा बचे हैं।

2 min read
Google source verification

image

Chandra Prakash Chourasia

Nov 02, 2018

tinsukia killing

तिनसुकिया हत्याकांड का चश्मदीद बोला- कुछ लोग सेना की वर्दी में आए और मचा दिया कत्लेआम

नई दिल्ली। असम के तिनसुकिया में उल्फा उग्रवादियों द्वारा पांच नागरिकों की हत्याकांड का एक चश्मदीद सामने आया है। शुक्रवार को सहदेव नामशूद्र नाम के शख्स ने शुक्रवार शाम की भयावहता का आंखों देखा हाल बयां किया है। तिनसुकिया के खेराईबेरी में गुरुवार शाम हुई इस जघन्य घटना में सिर्फ नामशूद्र ही जिंदा बचे हैं।

सेना की वर्दी में थे उग्रवादी

नरसंहार में चमत्कारिक रूप से बच गए नामशूद्र ने कहा कि शुक्रवार की शाम लगभग 7.45 बजे सेना की वर्दी में कुछ लोग हमारी दुकान पर आए। उन्होंने हमें बाहर बुलाया और पास में ले गए। उन्होंने हमें कतार में खड़े होने को बोला और कहा कि वे हमसे कुछ पूछना चाहते हैं।

कुछ ही देर में मच गई चीख पुकार

नामशूद्र ने कहा कि हमें कतार में खड़े होना था। अचानक मुझे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। मैं वहीं एक गड्ढे में कूद गया। वहां कुछ धुंआ था और मुझे बंदूक चलने की कुछ और आवाजें सुनाई दीं। वहां चीख-पुकार मच गई। मैं 10 मिनट तक वहां अंधेरे में पड़ा रहा। वहां मैंने जब अपने समूह के अन्य लोगों को ढूंढ़ा, तो मुझे वहा जमीन पर किसी को पड़ा देखा।

अंधेरा न होता नहीं बचता मैं....

तिनसुकिया कांड के चश्मदीद नामशूद्र आगे कहा कि मैं अपने घर की तरफ भागा। मैंने सिर्फ अन्य पांच लोगों के रक्तरंजित शवों को तलाशने के लिए अन्य लोगों को बुलाया। उनके अनुसार, वे उग्रवादी थे और असमी भाषा में बातें कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लेकिन हमारे सामने उन्होंने हिंदी में बात की। मैं कतार की दूसरी तरफ कूदने के कारण बच गया। वहां अंधेरा था वे शायद मुझे कूदते हुए नहीं देख सके।

उल्फा ने हमले से नकारा

तिनसुकिया पांच लोगों की हत्या में प्रतिबंधित संगठन यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट आफ असम (उल्फा- आई) ने अपनी भूमिका से इनकार किया है। संगठन की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि हम सभी संबद्ध एजेंसियों को स्पष्ट करना चाहते हैं कि एक नबंबर 2018 को तिनसुकिया जिले के सादिया साइकोवाघाट में पांच लोगों की हत्याओं में हमारी कोई भूमिका नहीं है।