
डबरा/चीनोर। तहसील के घरसौंदी और शेखूपुरा के मौजे में नरवाई की आग को आंधी ने इतना भड़का दिया कि इसकी चपेट में सिख समुदाय के खेतों में लगे भूसे के कूप व आधा दर्जन मकान आ गए। आग से घरों का कीमती सामान व अनाज जल गया। आग से करीब 20 लाख से ज्यादा का नुकसान का अनुमान है। गुरुवार को सुबह तहसीलदार ने अग्नि प्रभावित परिवारों के नुकसान का जायजा लिया।
बुधवार की शाम साढ़े पांच बजे के करीब ग्राम घरसौंदी के किसानों ने खेतों में नरवाई (गेंहूं कटाई के अवशेष) में आग लगा दी। आठ बजे के आसपास एकदम मौसम बिगड़ा और तेज आंधी चलने लगी। आंधी ने नरवाई की आग को भड़का दिया। यह आग घरसौंदी और शेखूपुरा मौजे तक आग जा पहुंची। जहां सिख समुदाय के लोग मकान बनाकर निवास करने के साथ ही खेती करते हैं। इनके खेतों में लगे भूसे के कूपों ने आग पकड़ ली और चारों तरफ आग ही आग फैल गई।यह आग मकानों तक जा पहुंची और छह मकानों को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया। आग से इन घरों में रखी नकदी, कीमती सामान एवं गल्ला सब कुछ जलकर राख हो गया।
कई मवेशी भी आग की चपेट में आ गए जिससे वे बुरी तरह झुलस गए। सिख समाज के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड समेत पुलिस को सूचना दी। मौके पर तत्काल चीनोर पुलिस पहुंच गई साथ ही डबरा की फायर ब्रिगेड की दो गाडिय़ां पहुंच गईं और आग पर काबू पाया गया। हालांकि इससे पूर्व पीडि़त परिवारों ने आग बुझाने का काफी प्रयास किया लेकिन तेज आंधी के चलते आग पर काबू पाना संभव नहीं हुआ। रात को ही राजस्व विभाग की ओर से पटवारी सन्नी गुप्ता और आरआई शांतिलाल राजपूत मौके पर पहुंचे। गुरुवार की सुबह सभी पीडि़तों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
सुबह तहसीलदार पहुंचे जायजा लेने
अग्निकांड के दूसरे दिन गुरुवार को चीनोर तहसीलदार मधुलिका तोमर राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंची और हालातों का जायजा लिया। उन्होंने पीडि़तों के नुकसान का जायजा भी लिया। इधर थाना प्रभारी भी पहुंचे और पीडि़तों से चर्चा की।
नहीं हुईं एफआईआर
अग्निकांड की बढऩे वाली घटनाओं को कम करने और प्रदूषण फैलने से रोकने को लेकर एक माह पूर्व कलेक्टर ने आदेश जारी किए थे। नरवाई (अवशेष) में जो आग लगाएगा उसके खिलाफ एफआईआर होगी।
मगर अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
अग्निकांड से ग्रामीणों का ये हुआ नुकसान
सतपाल सिंह के 12 कूप भूसे के, 70 क्विंटल गेहूं, टीवी वाशिंग मशीन, सोफा सेट व नकदी 16,500 रुपए जल गए, मुखतार सिंह के 9 भूसे के कूप, 40 ट्रॉली भूसा कम्बाइन मशीन का बड़ा टायर समेत अन्य सामान समेत कुल 6 लाख रुपए का नुकसान, सज्जन सिंह के भूसे के पांच कूप, 10 क्विंटल गेहूं के खेत पर रखा , १४ ट्रॉली भूसा ढेर में, घर के आंगन में रखा 70 क्विंटल गेंहूं कुल नुकसान 350000 रुपए, हरविंदर सिंह का एक कूप भूसे का, 10 ट्रॉली भूसे का ढेर, 40 क्विंटल गेंहूं जल गए कुल नुकसान 150000 रुपए, बलदेव सिंह का भूसे का एक कूप, 8 ट्रॉली भूसा का ढेर, 35 क्विंटल गेंहूूं घर के कमरे में रखा गृहस्थी का सामान समेत कुल 1 लाख 45 हजार का सामान जल गया। गांव के गगनदीप सिंह के 35 टैंक भूसा, 20 क्विंटल गेहूं, गृहस्थी का 90 हजार रुपए का सामान जल गया।
नरवाई से लगी आग
24 अप्रैल : मसूदपुर समेत नुन्हारी, जिरावनी, बरौआ और सिमरिया में किसानों की 200 बीघा में खड़ी गन्ने की फसल जली। वहीं जौरा, श्यामपुर, घाटमपुर, करियावटी गांव में नरवई में आग लगाई गई।
25 अप्रैल: टेकनपुर और चिरुली मौजे में आग से अकबईबड़ी स्थित चक भटियारा में कई किसानों के घर जल गए।
26 अप्रैल : छीमक क्षेत्र में शेखूपुरा गांव की आग ग्राम पंचायत छीमक तक आ पहुंची और खेत पर बनी एक किसान की मड़ैया व गृहस्थी का सामान जला।
Published on:
04 May 2018 03:09 pm
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