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आदिवासी महिलाओं का पोषाहार भत्ता भी रोका

दो साल से नहीं मिल रही एक हजार रुपए की राशि  

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आदिवासी महिलाओं का पोषाहार भत्ता भी रोका

डबरा. शासन द्वारा संचालित आदिवासी कल्याण योजना के अंतर्गत आदिवासी महिलाओं को पोषण आहार के लिए मिलने वाली प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि दो साल से नहीं मिली है। कईगांवों की महिलाएं छह बार तहसील मुख्यालय आकर राशि न मिलने की पीड़ा अफसरों के सामने बयां कर चुकी हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

रैली निकालकर किया प्रदर्शन
सोमवार को फिर योजना से वंचित कईगांवों की महिलाएं भितरवार तहसील मुख्यालय पहुंची और एसडीएम की गैरमौजूदगी में नायब तहसीलदार ज्योति जाटव को ज्ञापन सौंपकर योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग की। इस दौरान महिलाओं ने रैली निकालकर प्रदर्शन भी किया। महिलाएं तहसील मुख्यालय आकर राशि न मिलने की पीड़ा अफसरों के सामने बयां कर चुकी हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।महिलाओं में सरोज आदिवासी, लक्ष्मीआदिवासी, गायत्री आदिवासी, राजाबेटी, संतोबाई, फूलवती, पानाबाई रामूबाई आदि शामिल है।

महिलाओं ने दिया नायब तहसीलदार को ज्ञापन
आदिवासी महिलाओं द्वारा ज्ञापन में बताया गया कि शासन द्वारा दो साल पूर्व आदिवासी कल्याण योजना के तहत आदिवासी महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पोषणा आहार के लिए 1 हजार रुपए राशि प्रतिमाह देने की योजना लागू की थी। कईपंचायतों में आदिवासी महिलाओं को यह राशि दी भी जा रही है। लेकिन भितरवार विकासखंड के ग्राम रही का पुरा, मसूदपुर, बागवईदफाई, जौरा, महावीरपुरा, ग्राम पंचायत सिंघारन, खड़ीचा, हरसी, पवाया, संकरपुर, किठोंदा, सहारण, धौबट, खोर, मुखारी, बाजना, बाजना कॉलोनी, मुढऱी में दो साल से यह राशि नहीं मिली है।

पंद्रह सौ महिलाएं वंचित
करीब 1500 महिलाएं इस योजना से वंचित हैं। महिलाओं ने तहसील गेट पर एकत्रित होकर रैली निकाली और विरोधप्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि हमें दो साल से यह राशि नहीं मिली है और इस संबंध में हम छठवीं बार ज्ञापन देने आए हैं। सरपंच व सचिव इस संबंध में कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ज्ञापन देने वाली महिलाओं में सरोज आदिवासी, लक्ष्मीआदिवासी, गायत्री आदिवासी, राजाबेटी, संतोबाई, फूलवती, पानाबाई रामूबाई आदि शामिल है।