5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छोटे दुकानदार पुराना व्यवसाय छोड़ बेच रहे सब्जी

लॉकडाउन ने बढ़ाई परेशानी  

2 min read
Google source verification

डबरा

image

rishi jaiswal

Apr 29, 2020

छोटे दुकानदार पुराना व्यवसाय छोड़ बेच रहे सब्जी

छोटे दुकानदार पुराना व्यवसाय छोड़ बेच रहे सब्जी

डबरा/चीनोर. एक माह से चल रहे लॉकडाउन ने छोटे दुकानदारों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। मजबूरी में इन्हें अपने परिवार का पेट पालने के लिए रोड किनारे सब्जी की दुकानें व गली-मोहल्लों में ठेला ढकेलना पड़ रहा है। दरअसल सब्जी विक्रय पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है।

लॉकडाउन से सबसे ज्यादा छोटे दुकानदार, चाट का ठेला लगाने वाले, चाय-नाश्ते की गुमटी लगाने वाले व हाथ ठेला पर सामान बेचने वाले प्रभावित हुए हैं। रोज कमाने खाने वाले इन छोटे दुकानदारों का धंधा पिछले एक महीने से ठप है। इस वजह से इनके परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं। इस समय लॉकडाउन में केवल कम लागत का एक ही धंधा ऐसा है जो प्रतिबंध से मुक्त है। ऐसे में इन छोटे दुकानदारों ने सब्जी बेचने का काम शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने रोड किनारे सब्जी की दुकानें लगा ली है तो कुछ ठेले पर गली-मोहल्लों में सब्जी बेच रहे हैं। वैसे ज्यादातर सब्जी का धंधा ठेले वाले दुकानदार कर रहे हैं कारण उनके पास अपना ठेला है और लागत भी ज्यादा नहीं लगाना पड़ रही है। इस तरह का सब्जी बेचने का धंधा डबरा, भितरवार, चीनोर समेत अन्य जगह छोटे दुकानदार कर रहे हैं।
डबरा में लाला श्रीवास्तव लॉकडाउन के पहले चाट का ठेला लगाते थे। अब उसी ठेले पर वो फेरी लगाकर सब्जी बेच रहे है। उन्होंने बताया कि पहले तो हमने इंतजार किया कि लॉकडाउन खुलने पर चाट का ठेला शुरू कर देंगे। इस कारण घर बैठ गए थे और जो पैसा पास में था वह भी खत्म हो गया। आर्थिक समस्या आने लगी थी तो सब्जी बेचने का काम शुरू कर दिया।

चीनोर में मोबाइल का काम करने वाले राजू बरुआ मजबूरी में सब्जी बेच रहे हैं। इनका मोबाइल का काम लॉकडाउन में दुकान न खुलने से ठप हो गया। पहले तो उन्होंने 30 अप्रैल तक लॉकडाउन खुलने का इंतजार किया लेकिन जब लॉक डाउन 3 मई तक बढ़ गया तो इन्होंने बाजार में बंद दुकानों के बरमादे में अस्थायी रूप से सब्जी की दुकान लगा ली है। राजू बरुआ ने बताया कि मोबाइल की दुकान बंद होने से आर्थिक तंगी होने लगी थी। लॉकडाउन कितने दिन चलेगा कुछ नहीं कह सकते। ऐसे में एक ही धंधा ऐसा समझ में आया जो प्रतिबंध से मुक्त है।

इसी तरह चीनोर में नाश्ते की दुकान लगाने वाले चंद्रशेखर गुप्ता ने भी लॉकडाउन की मजबूरी में सब्जी बेचने का काम शुरू किया है। उनकी दुकान का शटर लगा है उसके काउंटर पर सब्जी की कैरेट रखकर अस्थायी रूप से दुकान लगाकर विक्रय शुरू कर दिया है। उनका कहना था नाश्ते का काम बंद हो जाने से समस्या आने लगी थी।