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अब नहीं लगाना पड़ेंगे न्यायालय के चक्कर, यहां मिलेगा एक ही दिन में न्याय, जानिए पूरा सच

जबलपुर हाई कोर्ट न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने किया लोकार्पण वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र लोकार्पित नवनिर्मित भवन का किया लाकार्पण

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Alternative Dispute Resolution Center Records

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दमोह. न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन न्यायाधिपति हाइकोर्ट जबलपुर एवं पोर्टफोलियो जज दमोह ने परिवार सहित दमोह न्यायालय पहुंचकर वैकल्पिक विवाद समाधन केन्द्र का लोकापर्ण किया। साथ ही द्विमासिक नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पिं्रसिपल जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह अध्यक्ष शंभूसिंह रघुवंशी, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष पं. कमलेश भारद्वाज, वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद श्रीवास्तव सहित अन्य न्यायाधीशगण, कलेक्टर डॉ. जे विजय कुमार, पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल सहित अधिवक्ता संघ के सदस्यों व न्यायालयीन कर्मचारियों की मौजूदगी रही। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने वैकल्पिक विवाद समाधन केन्द्र के विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया और भवन में की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। पुराने न्यायालय भवन का जिक्र भी उन्होंने किया।
जिला अभिभाषक संघ के सभागृह में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। डीजे शंभूसिंह रघुवंशी व अन्य न्यायाधीशों सहित नगर पालिका अध्यक्ष मालती असाटी सहित अन्य की मौजूदगी रही। इस अवसर पर न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और पिं्रसिपल जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह अध्यक्ष शंभूसिंह रघुबंशी ने भवन तथा नेशनल लोक अदालत के विषय में अपने विचार रखते हुए कहा कि सभी को समय पर न्याय मिलने के साथ समझौतों से दोनों का भला होता है। प्रकरणों में भी कमी आती है।

न्यायाधीशगणों ने स्वामी विवेकानंद की ताम्रमूर्ति भेंट कर तथा अधिवक्ता संघ ने ताम्र सरस्वती मूर्ति, शॉल श्रीफल भेंट कर अतिथियों का सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन अपर जिला न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण माखनलाल झोड़ ने किया।
14 खंडपीठों में किया आयोजन-
नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित दाण्डिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, कुटुम्ब न्यायालय, चैक बाउंस, विद्युत के प्रकरणों के साथ बैंकों, विद्युत एवं नगर पालिका के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को रखा गया था। जिनके निराकरण के लिए संपूर्ण जिलों में 14 खण्डपीठों का गठन किया गया था। प्रत्येक खण्डपीठ में 1 पीठासीन अधिकारी एवं 2 सदस्यों सुलहकर्ताओं की नियुक्ति गई थी।
इनमें हुआ निराकरण-
नेशनल लोक अदालत न्यायालय में लंबित मोटर दुर्घटना दावा के 50 प्रकरणों में 5730350 राशि, विद्युत के 101 प्रकरण में 638705 राशि, चैक वाउंस के 18 प्रकरणों में 843000 राशि, के अवार्ड पारित किए गए। इसी प्रकार कुटुम्ब न्यायालय के समक्ष लंबित पारिवारिक विवाद के 12 प्रकरणों में पति एवं पत्नी के बीच आपसी राजीनामा के आधार पर विवाद का अंत किया गया। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत में रखे गए बैंक के 13 प्रिलिटिगेशन प्रकरण, विद्युत के 16 प्रकरणों में एवं जलकर व सम्पत्ति के 54 प्रकरणों में राजीनामा एवं सुलह के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस प्रकार न्यायालयों में लंबित कुल 211 प्रकरणों में व प्रिलिटिगेशन के कुल 83 प्रकरणों में पक्षकारों की सहमति एवं सुलह से राजीनामा हुआ। जिसमें कुल 486 पक्षकार लाभान्वित हुए।