
दमोह में एक अनोखी शादी देखने को मिली है
मध्यप्रदेश के दमोह से एक अनोखी शादी का मामला सामने आया है। जिसको हर कोई देख और सुनकर हैरान है। यहां बिना कोई रीति-रिवाज के मात्र 17 मिनट में ही एक लड़का और लड़का शादी के बंधन में बंध गए। ये विवाह दमोह कृषि उपज मंडी में संत रामपाल बाबा द्वारा बीते कई सालों से बिना दहेज के शादी करा रहे हैं। इस विवाह की सबसे खास बात ये है कि यहां न तो मंत्रों का उच्चारण होता है, न तो फेरे लिए जाते हैं, न बाराती, न बैंड-बाजा होता है। सिर्फ एक मंत्र में पति-पत्नी शादी के बंधन में बंध जाते हैं।
यहां शादी कराने का केवल एक ही उद्देश्य है। दहेज प्रथा को रोकना और उसे जड़ से खत्म करके फिजूलखर्चों पर रोक लगाकर, समाज को एक नई दिशा देना। यहां के रामपाल बाबा का कहना है कि पिता बेटी के जन्म से ही पाई-पाई जोड़कर उसकी शादी के लिए पैसे जमा करने लगता है। ताकि वह दहेज देकर अपनी बेटी को अच्छे घर में भेज पाए।
शादी में मौजूद लोगों का कहना था कि दहेज की प्रथा आज की नहीं ये सदियों से चली आ रही है। सरकार ने इसे खत्म करने के लिए दहेज अधिनियम कानून बनाया था, लेकिन फिर ये किसी न किसी रूप में इसका आदन-प्रदान हो रहा है। संत रामपाल बाबा द्वारा हर रविवार को दहेज मुक्त विवाह कराए जाते हैं। जिसमें सिर्फ 17 मिनट का समय लगता है। इसमें न तो किसी तरह की फिजूलखर्ची होती और न ही दुल्हा-दुल्हन सजते हैं। बता दें कि, यहां इस शादी को लवेड़ी विवाह कहा जाता है। यहां पहली शादी धर्मेंद दास और अंजना दासी की हुई है।
Updated on:
20 May 2024, 2:43 PM IST
Published on:
20 May 2024, 2:43 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.