28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चड्डी-बड्डी- बॉयज मचा रहा धूम, एेसे मचाया लोकल फिल्मों ने यू-ट्यूब पर धमाल

देशी अंदाज में हंसी से करा रहे लोटपोट, न कैमरा न लाइट फिर भी बना ली15 शॉर्ट फिल्में

2 min read
Google source verification
Chaddi-Buddy-Boyz marcha Dhoom, U-Tube, Short Film

Chaddi-Buddy-Boyz marcha Dhoom, U-Tube, Short Film

दमोह. फिल्मों का क्रेज अब नगरीय व कस्बाई क्षेत्रों में जबरदस्त बना हुआ है। यू ट्यूब पर शॉर्ट फिल्मों के चलन के दौर में दमोह के कुछ युवा भी किसी से पीछे नहीं हैं। यह युवा लोगों को हंसाने के लिए कॉमेडी शार्ट फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं, न तो इनके पास बजट है, न लाइट और न ही कैमरा फिर भी इनकी टीम 1५ शार्ट फिल्मों को यू-ट्यूब पर लांच कर लोगों को हंसा-हंसाकर लोट-पोट कराने में लगी हुई है। इनका बैनर चड्डी-बड्डी- बॉयज भी फनी के फन में माहिर होता जा रहा है।
शहर के पिछड़े वार्ड हरसिद्धि मंदिर के पास रहने वाले युवाओं की टीम में केवल अमित पटैल कैमरामैन हैं जो मोबाइल पर फिल्म की शूटिंग करने के बाद उस पर एडिटिंग करते हैं। इनकी टीम में मयंक यादव, हनी अहिरवार, राहुल राज, धनराज यादव, दीपक यादव व गोली रैकवार शामिल हैं, जो अपने अभिनय से लोगों को हंसाने का काम कर रहे हैं।
इन युवाओं की टीम ने अब तक 15 शार्ट फिल्मों का निर्माण किया है। जिनमें स्वच्छ भारत, टाइपस प्यूपिल इन होली, थिकिंग ऑफ प्यूपिल, बॉयज इन गन, बाबाजी फनी विडियो, छोटा डॉन, देशी बॉयज वर्सेस लड़की, कौन बनेगा करोड़पति देशी कॉमेडी, सिटी बॉयज वर्सेस देश बॉयज, फॉदर वर्सेस वेस्ट फ्रेंड, हिरमेश रेशमिया वर्सेस हनी सींग, देशी चोर, हैप्पी न्यू ईयर 2018 फनी विडियो, देशी हीरो, देशी डॉन वर्सेस चालक लड़का, तेरे भाई ने न्यू फोन लिया शामिल है।
बुंदेली व हिंदी का मिश्रण
इन युवा कलाकारों ने अपनी 16 हास्य शार्ट फिल्मों में बुंदेली व हिंदी भाषा का मिश्रण किया है। इनके यह फिल्में 6 मिनट से 11 मिनट के बीच की हैं। इनकी फिल्मों की खासियत यह है कि इनकी केवल स्क्रिप्ट तैयार होती है फिर आपस में रोल तय किए जाते हैं, रोल के अनुसार कुछ प्रैक्टिस के बाद न रीटेक न लाइट ऑन सीधे मोबाइल पर फिल्म शूट कर ली जाती है। शूटिंग के स्थल भी शहर के बड़ी देवी मंदिर, जटाशंकर सर्किट हाऊस क्षेत्र, नेहरू पार्क, बड़ापुरा, हाइवे के किनारे किसी भी निर्जन स्थान पर इनकी शूटिंग हुई है।
10 वीं से लेकर इंजीनियरिंग पास
इनकी टीम में कुछ युवा पढ़ाई कर रहे हैं, इनमें से एक इंजीनियरिंग पास कर चुका है तो कुछ 8 वीं व 10 वीं के बाद आगे नहीं पढ़ पाने से रोज मजूरी के कामधंधे में लगे हुए हैं, फिर फिल्मों के लिए यह अपना समय निकाल लेते हैं।
लोगों को हंसाना असल मकसद
इन युवाओं की टीम अभी केवल लोगों को हंसाने के लिए अपने फन को फनी बनाकर प्रस्तुत करने के लिए जी जान से लगी है। इन युवाओं का कहना है कि आज के दौर में निराशा युवाओं को घेर रही है। साथ ही जिस क्षेत्र से वह वास्ता रखते हैं वहां के युवा सामाजिक बुराईयों की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं, जिससे आसपास की इन बुराईयों को हंसाने के अंदाज में प्रस्तुत हुए लोगों को जागरुक कर अपने फन को जिंदा रखे हुए हैं।