
दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।

दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।

दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।

दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।

दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।

दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।

दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।

दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।

दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।

दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।

दमोह. श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के चौथे दिन समवशरण स्थित तीन भूमियों का पूजन करते हुए भक्ति भाव के साथ करीब सवा 200 अर्घ चढ़ाए गए। वहीं आचार्य श्री उदार सागर महाराज ने संघ सहित समवशरण में विराजमान होकर श्रावक जनों की शंका का समाधान किया।श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिन बुधवार को सुबह के समय श्री जी का अभिषेक व शांति धारा संपन्न की गई। इसके बाद विधानाचार्य आशीष जैन पुंयांश व पंडित सुरेश शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान पूजन किया गया। रात्रि में नृत्य नाटिका णमोकार मंत्र की महिमा का मंचन किया गया।