
Damoh Jail New Map
दमोह. जिस जगह पर अभी बरपटी साइलो के बैग रखे देखे जा रहे थे, अब उस 25 एकड़ से अधिक जगह पर आगामी वर्षों में जिला जेल नजर आएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस जेल परिसर में हॉस्पिटल, ऑडिटोरियम सहित अनेक व्यवस्थाएं होगी। इसका टेंडर प्रक्रिया तीसरी बार शुरू हो गई है। जिसके खुलते ही एजेंसी तय हो जाएगी और जल्द ही काम शुरू होने की संभावना है।
शासन की पुनर्धनत्वीकरण(री-डेंसिफिकेशन) योजना के तहत जेल का निर्माण कराया जाना है। जिसमें करीब 62 करोड़ का खर्च का आंकलन किया गया है। इस राशि से जेल बिल्डिंग के अलावा अधिकारी-कर्मचारियों के आवास और तमाम सभी व्यवस्थाएं की जाएगी। इधर, पुराने जेल की जगह पर शॉपिंग कॉम्पलेक्स और आवासीय परिसर बनाए जाएंगे, इसके लिए भी प्लान तैयार किया जा रहा हैं।
इन व्यवस्थाओं से लैस रहा नया जेल
नया जेल 600 कैदी की क्षमता वाला होगा। जिसमें 9 बैरक होगी। इसमें इंट्रेंस प्लाजा, 2 गॉर्ड रूम, भर्ती कक्ष, प्रशासनिक भवन, अस्पताल भवन, अनाज भंडार, रसोई व डाइनिंग हॉल, वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर, महिला और पुरुष कैदियों के लिए अलग-अलग वर्कशॉप, वीसी रूम और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं होगी। इसके अलावा करीब 300 सीटर सभाकक्ष, 20 मीटर ऊंचे वॉच टॉवर और ओपन जेल जैसी व्यवस्थाएं भी लैस रहेगी।
76 स्टाफ क्वाटर्स, बच्चों के गॉर्डन होंगे
नई जेल के साथ अधिकारी-कर्मचारियों के लिए 76 नए क्वाटर्स भी यहां बनाए जाएंगे। जिसमें 2 ई-टाइप क्वाटर, 4 एफ टाइप, 20 जी टाइप, 48 एच टाइप और 2 आई टाइप क्वाटर्स बनाए जाएंगे। इसके अलावा कम्यूनिटी हॉल भी इसमें होगा। यहां हाइ सिक्योरिटी बाउंड्रीवॉल, सोलर पैनल 100 केवीए के साथ-साथ बच्चों के लिए गॉर्डन जैसी व्यवस्थाएं भी होगी। इसके अलावा रोड, नाली, विद्युतीकरण, ओवरहेड टैंक, संपवेल, सीवेज ट्रीटमेंट, प्लांट, परेड ग्राउंड, खेल मैदान, लैंड स्केपिंग, फॉयर फाइटिंग की व्यवस्थाएं भी रहेगी।
हाउसिंग बोर्ड को बनाया निर्माण एजेंसी
इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए शासन की ओर से हाउसिंग बोर्ड को अधिकृत किया गया है। जिसके द्वारा इस टेंडर भी जारी कर दिया गया है। विभाग के अनुसार इस काम को पूरा करने के लिए 3 साल का समय ठेकेदार के पास रहेगा, लेकिन उम्मीद है कि काम समय के पहले ही पूरा हो जाएगा। नए जेल का काम पूरा होने के बाद ही पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत ठेकेदार को पुराने जेल की जगह पर काम करने दिया जाएगा।
क्या है पुनर्घनत्वीकरण योजना
शासन के निर्मित ऐसे विभागीय परिसर जो अब खंडहर होने की स्थिति में हैं या हो चुके हैं। साथ ही शहर के बीचों-बीच होने के कारण उस जगह की कीमत करोड़ों में हो चुकी हैं। ऐसी जमीन को बेचकर ही शासन द्वारा शहर से बाहर नए परिसरों का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें शासन को एक रुपए भी नहीं लगता है, बल्कि पुरानी कीमती जगह बेचने पर शासन को करोड़ों का फायदा हो जाता है। इस काम में भी नए जेल की लागत निकालने के बाद भी शासन को करोड़ों रुपए अलग से राजस्व लाभ की संभावना है।
वर्शन
नया जेल बरपटी के पास 25 एकड़ में बनाया जाएगा। इसके लिए फिर से टेंडर लगाया जा चुका है। जो भी फर्म काम लेती है, जल्द पूरा कराया जाएगा। पुनर्धनत्वीकरण योजना के तहत काम होना है। पुराने जेल के लिए भी अलग योजना है।
राजकुमार बाथम, प्रभारी ईई हाउसिंग बोर्ड दमोह
Published on:
07 Sept 2024 12:03 pm
बड़ी खबरें
View Allदमोह
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
