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हंसा और एलएन वैष्णव फर्जी तरीके से लिखते हैं खुद को डॉक्टर

विधानसभा में विधायक ने उठाया मामला, पूछा अब तक कार्रवाई क्यों नहीं, जवाब सुनकर हुए हताश,प्रसूता की मौत के बाद विधायक ने विधानसभा में उठाया था झोलाछाप का मामला, मंत्री ने जवाब में लिखा कोई शिकायत ही नहीं आई

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दमोह

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Samved Jain

Jul 23, 2019

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हंसा और एलएन वैष्णव फर्जी तरीके से लिखते हैं खुद को डॉक्टर

दमोह. दमोह के बहुचर्चित झोलाछाप हंसा वैष्णव मामले को दमोह विधायक राहुल सिंह ने विधानसभा में उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है, लेकिन इस प्रश्न के उत्तर में संबंधित विभाग के मंत्री ने जो जवाब दिया उससे विधायक को नीचे देखना पड़ा। दरअसल, मामले में एक महीने से अधिक वक्त बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अब तक अपनी रिपोर्ट तैयार कर नहीं भेजी है। जिससे उच्चाधिकारियों तक मामला नहीं पहुंच सका है। जबकि पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते झोलाछाप हंसा वैष्णव के विरुद्ध आईपीसी 304 के तहत प्रकरण दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।

15 जुलाई को सामने आए इस प्रकरण में हरिजन थाना के सामने अपने घर में अवैध तरीके से नर्सिंग होम का संचालन करते हुए झोलाछाप हंसा वैष्णव ने प्रसूता और उसके बच्चे की जान गलत उपचार करते हुए ले ली थी। इस प्रकरण में उनके पति एलएन वैष्णव भी साथ रहे थे। मामले में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने एसपी कार्यालय के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया था और कार्रवाई की मांग की थी। इधर घटनाक्रम के बाद से लगातार वैष्णव दंपति फरार है। दो दिन बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच करने के बाद झोलाझाप हंसा के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया था। जबकि लक्ष्मीनारायण के विरुद्ध मामला दर्ज करने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे।

मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए दमोह विधायक राहुल सिंह ने प्रकरण को विधानसभा में रखा है। जिसमें राहुल सिंह ने प्रश्न क्रमांक 2502 में लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग से पूछा है कि जिले में पैरामेडिकल और आरएमपी कितने पंजीकृत है? क्या पंजीकृत चिकित्सक क्लीनिक संचालन के संबंध में कोई नियम है? एलएन वैष्णव व हंसा वैष्णव का पंजीयन रजिस्टर्ड है क्या सहित नर्सिम होम संचालन करते हुए प्रसूता की मृत्यु होने की शिकायत जैसा जिक्र किया था। साथ ही वैष्णव दंपति के विरुद्ध क्या कार्रवाई हुई जानकारी चाही गई थी।

विधायक राहुल सिंह के इन प्रश्नों के जवाब में मंत्री तुलसीराम सिलावट ने जवाब प्रस्तुत करते हुए कहा कि दमोह में कोई भी पैरामेडिकल, आरएमपी रजिस्टर्ड नहीं है। आरएमपी चिकित्सक के रूप में एनएल वैष्णव और हंसा वैष्णव रजिस्टर्ड नहीं हैं। इसके अलावा भी वैष्णव दंपति के संबंध में पूछे गए प्रश्नों का जवाब भी जी नहीं, प्राप्त नहीं में ही मिला। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते विधायक के सवाल कटते नजर आए। हालांकि, अब मामले की जानकारी जल्द ही भिजवाने की बात कही जा रही है, जिसके बाद बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

मामले में सीएमएचओ डॉ. आरके बजाज का कहना है कि पुलिस ने मामले के संबंध में जानकारी चाही थी, जिसमें लिखकर दिया गया था कि एलएन वैष्णव और हंसा वैष्णव कोई डॉक्टर नहीं है। हम झोलाछाप के यहां प्रेक्ट्सि करते हुए छापामार सकते हैं। मौके पर जांच कराई थी, लेकिन घर बंद मिला। फिलहाल पुलिस के हाथ में पूरा प्रकरण है। आगे हम फर्जी तरीके से डॉक्टर शब्द का इस्तेमाल करने की शिकायत दर्ज करा सकते है।