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ग्रामीण परिवेश में फेसबुक फ्रेंडशिप का पहला विवाह

जैन परिवार ने अपनाया सोनी परिवार की पुत्र वधू को

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First wedding of Facebook Friendship in rural surroundings

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श्रीकांत मिश्रा .पटेरा. संचार युग में जाति, गौत्र से परे हटकर विश्व प्रसिद्ध फेसबुक भी जात-पात के बंधनों से ऊपर उठकर वैवाहिक रिश्ते जोडऩे में मदद कर रहा है। 7 जुलाई को ऐसे ही फेसबुक फ्रेंड सात फेरे लेकर अटूट बंधन में बंध गए हैं। इतना ही नहीं दोनों परिवारों के बुजुर्गों व रिश्तेदारों ने भी अपना आशीर्वाद प्रदान किया है।
पटेरा ब्लॉक के छोटे बमनपुरा गांव जहां आज भी पुरातन परंपराएं व रुढि़वादिता देखने मिलती है। जहां जात-पात की पंक्तियां आज भी सामाजिक कार्यक्रमों में नजर आती हैं। ऐसे बमनपुरा गांव के युवा अंकित जैन ने पांच साल पहले जबलपुर की श्रद्धा सोनी को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। श्रद्धा ने उसकी रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली, फिर फेसबुक मैंसेजर से हुआ संवाद मोबाइल नंबर तक पहुंच गया। इस दौरान अंकित भी अपना कैरियर बनाने छिंदवाड़ा चला गया, जहां फोटोग्राफी करने लगा। इधर श्रद्धा ने भी एमए तक की पढ़ाई कर ली।
इसके बाद फ्रेंडशिप प्यार में बदल गई और प्यार वैवाहिक बंधन में बंधने के लिए उतावला होने लगा। अंकित जैन ने अपने परिजनों बात की, अंकित के पिता बमनपुरा गांव में किराना दुकान संचालित करने के साथ गल्ले का व्यापार करते हैं। उन्होंने पुत्र से कहा कि वह जिससे विवाह करना चाहता है, उसके लिए तैयार है और विवाह पूरे रीति-रिवाज अनुसार होगा। उधर जबलपुर में श्रद्धा सोनी के माता-पिता जो सरकारी नौकरी में अपनी पुत्री के अनुसार पसंद किए गए वर के साथ हाथ पीले करने तैयार हो गए।
यहां एक बात और दिलचस्प है कि दोनों परिवार चाहते तो दमोह या जबलपुर के किसी बारात हाल से विवाह कर लेते। लेकिन अंकित की ख्वाहिश थी कि विवाह के सभी संस्कार बमनपुरा गांव में ही संपन्न हो। ताकि गांव की रुढि़वादिता की जंजीर तोडऩे के लिए उसका विवाह मिसाल बन सके। इसलिए लड़की वाले अपनी लड़की को बमनपुरा लेकर पहुंचे और जैन व सोनी परिवार की सामाजिक परंपराओं के अनुसार दोनों वैवाहिक बंधन में बंधे और ग्रामीणों के साथ परिजनों ने दोनों को सुखद दांपत्य जीवन निर्वाह करने का आशीर्वाद प्रदान किया।
अंकित के पिता कमलेश जैन भले ही बमनपुरा गांव में आजीविका का निर्वहन करते हैं, लेकिन वह खुले विचारों के हैं। उनका कहना है कि जाति-पाति का कोई बंधन नहीं है। आज के दौर में सबसे बड़ा बंधन यह है कि सुखमय दांपत्य जीवन व्यतीत हो बस इसी कामना के साथ सोनी परिवार की लड़की को अपनी पुत्र वधू के रूप में स्वीकार किया है।