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दिनों दिन असतित्व खो रहा फुटेरा तालाब,50 एकड़ से कम में सिमटा

100 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल का तालाब 50 एकड़ से कम में सिमटा

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तालाब

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दमोह. शहर के भीतर स्थित फुटेरा तालाब जो कहा तो शहर का सबसे बड़ा तालाब जाता है लेकिन दिनोंदिन इस तालाब की बढ़ती दुर्दशा के साथ सिमटता जा रहा है। तालाब के चारों तरफ नजर दौड़ाई जाए तो यह बात सामने आ जाती है कि देखरेख के अभाव में यह तालाब अपना असत्तिव खोता जा रहा है। एक तरफ जहां तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा बढ़ता जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ तालाब के घाट जर्जर हो चुके हैं। आधे शहर की आबादी प्रतिदिन इस तालाब पर पहुंचती है। इससे यह जाहिर है कि शहरवासियों की जलापूॢत के लिए भी यह तालाब अपनी विशेष भूमिका निभाता है।


चारों तरफ फैली रहती है गंदगी


तालाब के एक छोर से दूसरे छोर तक घाट बने हुए हैं। इन घाटों पर गंदगी का अंबार बारहों महीने लगा रहता है। तालाब के घाटों से गंदगी हटाने के लिए नगरपालिका द्वारा कोई सार्थक प्रयास नहीं किए जाते हैं। स्थानीय लोगों द्वारा कई शिकायतें मिलने के बाद दो चार माह में एक दो बार ही तालाब के किसी एक घाट की सफाई की सुध ली जाती है। वहीं गंदगी होने का फायदा जनप्रतिनिधियों व समाजसेवी संस्थाओं को भरपूर मिल जाता है। आए दिन देखने में आता है कि जनप्रतिनिधि व संस्थाएं घाट पर कुछ देर के लिए पहुंच जाते हैं और श्रमदान कर सफाई अभियान चलाया जाना प्रदर्शित करते हैं। जबकि वह भी इस बात से बखूबी वाकिफ होते हैं कि घंटे दो घंटे के श्रम से तालाब के घाटों की गंदगी साफ हो पाना संभव नहीं है।


नहीं हटाया जा सका अवैध अतिक्रमण


तालाब का क्षेत्रफल समय के साथ साथ कम होता जा रहा है। ऐसा होने की वजह यह है कि लोगों के द्वारा तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फुटेरा तालाब १०० एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में था, लेकिन अब काफी क्षेत्रफल कम हो गया है। तालाब की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए कई बार प्रशासनिक बैठकें आयोजित हो चुकीं हैं, लेकिन आज दिनांक तक इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यही स्थिति आगे कुछ और साल रहती है तो अवैध कब्जों की वजह से तालाब का क्षेत्रफल २० एकड़ भी नहीं रह जाएगा।


जर्जर हो चले घाट


तालाब के घाट वर्षों पहले बनाए गए थे। पत्थरों से तैयार यह घाट अब जर्जर हो चले हैं। घाटों के पत्थर टूटते जा रहे हैं और इनकी मरम्मत का कार्य नहीं हो रहा है। तालाब के घाटों को नया रुप देने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा वर्षों से मांग की जा रही है, लेकिन लोगों की इस मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।


धार्मिक आस्था का केंद्र


फुटेरा तालाब लोगों की धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र है। तालाब से सटकर शिव मंदिर, समीप बड़ी देवी मंदिर, श्रीगणेश मंदिर व समीप ही मुक्तिधाम, ईदगाह स्थित है। धार्मिक स्थलों के होने की वजह से इस तालाब में दीप विसर्जन कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। इसके अलावा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन, देवी प्रतिमाओं का विसर्जन भी इसी तालाब में वर्षों से होता चला आ रहा है। तालाब पर प्रतिदिन धार्मिक आस्था के चलते सैकड़ों लोगों का आना जाना होता है जो तालाब की दुर्दशा को देखकर चिंतित हैं। वहीं इन दिनों पितृपक्ष के चलते सुबह से तालाब पर पितरों को पानी देते हुए बड़ा जनसमुदाय देखा जा सकता है।


पुरात्तव की धरोहर


फुटेरा तालाब जो शहर के उत्तर दिशा में है। बताया जाता है कि इस तालाब का निर्माण फुटेरा कला गांव के किसी मुंशी द्वारा चंद रुपयों में कराया गया था। तालाब के नामांकरण के बाद इसी नाम से वार्डों को भी नामांकित किया गया। तालाब के घाट पर भगवान विष्णु अवतार बारह भगवान की प्रतिमा बनी है जो पुरातत्व विभाग की धरोहर है, लेकिन इस प्रतिमा की देखरेख भी इस विभाग द्वारा नहीं की जा रही है। एक समय था जब गौंडकालीन इस तालाब के घाटों की विशेष कलाकृ़ति देखने लोग पहुंचते थे, लेकिन अब यही घाट अपना असत्तिव खो रहे हैं।


वर्जन


फुटेरा तालाब काफी प्राचीन तालाब है, इस तालाब की सुंदरता और मरम्मत कार्य के लिए योजना तैयार की गई है। शीघ्र ही फुटेरा तालाब का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
कपिल खरे, सीएमओ