4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ग्रिड कनेक्टेड सोलर स्टॉप फोटो वोल्टाइक पावर प्लांट बने शोपीस

आठ माह पूर्व स्कूलों में लगाए गए थे पॉवर प्लांटबिजली गुल होने पर पसीने में भीगने विवश विद्यार्थीकहीं सात लाख तो कहीं साढ़े तीन लाख रुपए खर्च कर लगाए प्लांट अब तक नहीं हो सके चालूशहर के चारों प्रमुख स्कूलों में शोपीस बनकर रह गए पॉवर प्लांट

2 min read
Google source verification

दमोह

image

Samved Jain

Jun 30, 2019

soler

ग्रिड कनेक्टेड सोलर स्टॉप फोटो वोल्टाइक पावर प्लांट बने शोपीस

दमोह. जिले में लाखों रुपए खर्च करके स्कूलों में लगाए ग्रिड कनेक्टेड सोलर स्टॉपफोटो वोल्टाइक पॉवर प्लांट बिजली कनेक्शन के अभाव में अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। बिजली गुल होने के दौरान इसका लाभ विद्यार्थियों व स्कूल स्टॉफ को नहीं मिल पा रहा है। जबकि इन्हें लगाने के लिए लाखों रुपए खर्च किए गए हैं। हालांत यह हैं कि शासन के लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी आखिर सरकारी एजेंसियां गंभीरता क्यों नहीं बरत रहीं हैं। इस मामले में स्कूलों के प्रिंसिपल बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग शिक्षा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है। इन दोनों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच बच्चों को शासन की लाखों रुपए की राशि खर्च होने के बाद भी इसका लाभ नहीं मिलने से उमस के बीच पसीने में भीगने विवश होता देखा जा रहा है।
नाम एक्सीलेंस लेकिन काम किसी लो केटेगिरी के स्कूल की तरह-
स्थानीय एक्सीलेंस स्कूल में देखा गया कि यहां पर पांच किलो वॉट का ग्रिड कनेक्टेड सोलर स्टॉपफोटो वोल्टाइक पॉवर प्लांट अक्टूबर २०१८ में लगा था। जिसके बाद से अब तक चालू नहीं हो सका। करीब ३.३५ लाख रुपए खर्च करने के बाद परियोजना एजेंसी मप्र उर्जा विकास निगम लिमिटेड भोपाल के सहयोग से सोलेक्स एनर्जी लिमिटेट ने स्थापित किया था। जिसमें नवीन एवं नवीनीकरणर्ता उर्जा मंत्रालय दिल्ली के माध्मम से वित्त प्राप्त हुआ था। करीब साढ़े तीन लाख रुपए खर्च होने के बाद भी इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अक्टूबर से अब तक इसे चालू नहीं कराया जा सका। जिसमें सिर्फ बिजली कंपनी से कनेक्शन होना बाकी है। लेकिन इसमें एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में स्कूल प्राचार्य व बिजली कंपनी के अधिकारी लगे हुए हैं।
यहां भी यही हाल-
इसके इलावा शहर के ही जसवंतलाल प्रहलाद भाई बीड़ी वाला स्कूल में ६ लाख १० हजार रुपए खर्च करके १० किलोवॉट का ग्रिड कनेक्टेड सोलर स्टॉपफोटो वोल्टाइक पॉवर प्लांट लगाया गया था। इसी तरह से एमएलबी स्कूल में भी पांच किलो वॉट का ग्रिड कनेक्टेड सोलर स्टॉपफोटो वोल्टाइक पॉवर प्लांट लगाया गया। जिसकी लागत भी ३ लाख ३५ हजार रुपए आई थी। लेकिन इन दोनों स्कूलों में भी लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी सौरर उर्जा का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
इन्होंने रखा अपना पक्ष-
मामले में एमएलबी स्कूल के प्रिंसिपल एसएल अहिरवार का कहना है कि अक्टूबर में ग्रिड कनेक्टेड सोलर स्टॉपफोटो वोल्टाइक पॉवर प्लांट लगने के बाद केवल बिजली कनेक्शन होना बाकी है। जिसमें आगे का काम बिजली विभाग को करना है, लेकिन रुचि नहीं लेने से अभी तक चालू नहीं किया जा सका।

इन्होंने रखा अपना पक्ष-
यह उर्जा विभाग निगम संस्था ने लगाया है। जिसके लगने के बाद टैरिफ है, जिसमें नेटमिटरिंग की जिसमें मीटर स्टॉल करते हैं। जिसमें अधिक बिजली मिलने पर हम उसका पउयोग करते हैं। अभी तक स्कूल से कोई आवेदन नहीं दिया गया है। पांच किलोवॉट का कनेक्शन होना जरुरी है। यदि किसी स्कूल के माध्यम से निर्धारित राशि जमा की गई है तो मैं उसे दिखवाता हूं। जल्द ही कनेक्शन किया जाएगा।

खुशयाल सिंह शिववंशी- बिजली कंपनी