
दमोह. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश् पीसी गुप्ता के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला मुख्यालय दमोह, तहसील हटा, पथरिया व तेंदूखेड़ा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य दांडिक, सिविलए चैक अनादरण, वाहन दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, वैवाहिक मामले, विद्युत से संबंधित प्रकरणों का आपसी सहमति एवं राजीनामा के आधार पर निराकरण किया गया। साथ ही बैंक ऋण वसूली, बीएसएनएल, विद्युत व नगर पालिका से संबंधित प्रिं-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया गया। लोक अदालत के लिए 23 खंडपीठों का गठन किया गया था, जहां पक्षकारों को सुलह, समझाइश से प्रकरणों का निराकरण किया गया।
चार जोड़ों को टूटने से बचाया, बनाई सहमति
लोक अदालत में चार जोड़ो ने प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद अजहर की मौजूदगी में एक साथ मुकदमे बाजी समाप्त कर एक-दूसरे का साथ निभाने हाथ आगे बढ़ाया।
मनीष नगाइच एडवोकेट ने बताया के अनीता एवम रोहित (काल्पनिक नाम) के मध्य 2023 में शादी हुई। गर्भावस्था प्राप्त होने पर ज्योति व खिलान के बीच तनातनी बढ़ी। मामला थाने पंचायत होते हुए न्यायालय की दहलीज तक पहुंचा। जून 2024 से यह जोड़ा अलग-अलग रह रहा था। प्रकरण के अधिवक्ता लक्मीकांत तिवारी व सुलह कर्ता पाठक के सहयोग से कॉउंसलिंग हुई और दोनों परिवार एक साथ रहने राजी हो गए। रोचक बात ये के दोनों के बीच नवजात बालक मयंक के आने के बाद दोनों ने कोई भी मुकदमा आपस मे न चलाने की कसम खाई।
दूसरे जोड़े की कहानी भी फिल्मी है आयाश और शहजाद (काल्पनिक नाम) के बीच चल रहे न्यायालय के भरण पोषण के मामले में जोया ने शादाब से न्यायालीन आदेश के परिपालन में भरण पोषण राशि वसूलने वारंट जारी करने की मांग कर दी थी, किन्तु न्यायालय में सुलह वार्ता और उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए दोनों साथ रहने तैयार हुए इस राजीनामा को कराने कमलेश भारद्वाज अधिवक्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीसरे मामले में शागिदा व रुपू (काल्पनिक नाम) के मध्य 2016 में शादी हुई थी दो बच्चे होने के बाद भी जोड़े में सहमति नहीं बन रही थी। न्यायालय में भरण पोषण का मामला आने के बाद दोनों पक्षों को फिरोज खान अधिवक्ता व सुल्हकर्ता समिति ने समझाइश दी, जिससे साथ रहने तैयार हो गए।
उम्र दराज जोड़े को एक कराया लोक अदालत नेÓ
सबसे उम्र दराज जोड़े बल्लू व राशि(काल्पनिक नाम) पिछले 5 सालों से अलग रह रहे थे। दोनों के 23 साल के बच्चे भी थे, जिनकी शादी हो चुकी थी। मामला न्यायालय पहुंचा समझाइश के बाद लोक अदालत में दोनों जोड़े साथ रहने तैयार हो गए। इस मामले में दोनों पक्षों को राजी कराने पंकज खरे अधिवक्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Updated on:
11 May 2025 11:06 am
Published on:
11 May 2025 11:05 am
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