
फोटो सोर्स- पत्रिका
MP News: मध्यप्रदेश के दमोह जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तेंदूखेड़ा नगर के वार्ड क्रमांक 5 स्थित पाठघाट मुक्तिधाम में शुक्रवार की सुबह एक ऐसा हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जिसे देख हर आंख नम हो गई। यहां 18 माह की मासूम आरोही, उसके पिता मनीष और माता दसोदा का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक ही चिता पर तीन शव पंचतत्व में विलीन हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, मनीष जिस मकान में रह रहा था, उसे खरीदने के लिए वह मकान मालिक को 2 लाख रुपये दे चुका था। मात्र 50 हजार रुपये शेष थे, लेकिन इसी बीच मकान मालिक ने लालच में आकर वह मकान किसी अन्य व्यक्ति को साढ़े 3 लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद से ही मनीष पर मकान खाली करने का दबाव बनाया जा रहा था।
मृतक की बड़ी बहन कवितां केवट ने परिजनों पर भी गंभीर आरोप लगाए है। उनके अनुसार, ग्राम अमवाही में मनीष के हिस्से की जमीन को परिजनों ने पहले ही 9 लाख रुपये में बेच दिया था, जिसमें से मनीष को एक रुपया भी नहीं मिला। इसके बाद भी उससे 50 हजार रुपए मांगे जा रहे थे।
गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे डॉक्टरों की टीम ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम किया था। रात होने के कारण परिजनों ने शुक्रवार सुबह अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया, जिसके बाद पुलिस सुरक्षा में शवों को रातभर अस्पताल परिसर में रखा गया। शुक्रवार सुबह शव परिजनों को सौंपे गए। इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।
डेढ़ साल की मासूम आरोही का नाम लाड़ली लक्ष्मी योजना में तो दर्ज था, लेकिन परिवार के मुखिया मनीष को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका। यदि समय रहते परिवार को सरकारी आवास मिल जाता, तो शायद आज यह परिवार जीवित होता।
Published on:
10 Jan 2026 10:32 am
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