
कहीं कचरा मिली तो कहीं पत्थर तक मिलाकर हो रहा तौल, सर्वेयर नहीं दे रहे ध्यान
कहीं कचरा मिली तो कहीं पत्थर तक मिलाकर हो रहा तौल, सर्वेयर नहीं दे रहे ध्यान
दमोह. जिले में बारिश के बाद एक बार फिर धान की खरीदी शुरू हो गई हैं, लेकिन धान की गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न ही किसी भी केंद्र पर हडम्बा (धान साफ करने का यंत्र) का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में नॉन एफएक्यू धान की खरीदी हर केंद्र पर चल रही है। खास बात यह है कि विभागीय अधिकारी के निरीक्षण के बाद भी अभी तक कोई खास कार्रवाई नहीं हो सकी है।
बता दें कि धान खरीदी के लिए 31 केंद्र बनाए गए हैं। जहां करीब 45 सर्वेयर भी रखे गए हैं। जिनकी जिम्मेदारी है कि किसान की धान की क्वालिटी को चेक करें। उसका सर्वे करें और एफएक्यू होने के बाद ही धान को तौल के लिए पास करें, लेकिन यहां किसानों और किसान के नाम पर पहुंचने वाले व्यापारियों की धान को सीधे की तौल पर लगाया जा रहा है। इसके एवज में लेनदेन के प्रकरण भी सामने आ रहे हैं। जिससे मौके पर जांच करने पहुंचने वालों को साधने का काम किया जा रहा है।
पत्रिका टीम ने अलग-अलग क्षेत्र में स्थापित केंद्रों का जायजा बीते दिनों में कराया। सभी केंद्र पर नॉन एफएक्यू धान की ही खरीदी होना पाई गई। कुम्हारी, हिंडोरिया, समन्ना, हरदुआ मुडर, अभाना, किल्लाई, बनवार सहित अन्य समितियों के दौरा के दौरान धान की गुणवत्ता खराब देखने मिली। कई केंद्रों पर तो ऐसी धान भी तौल ली गई, जिसमें स्पष्ट देखने मिल रहा था कि धान में निर्माण मटेरियल मिलाकर लाया गया है। इतना ही नहीं एफएक्यू का ध्यान कहीं भी नहीं दिया जा रहा है। पत्रिका ने जब पड़ताल की तो पता चला कि सर्वेयर को इसके एवज में कुछ रुपए भी किसान दे रहे हैं। हालांकि, किसान खुलकर नहीं बोले, क्योंकि धान उनकी ही थी।
Published on:
03 Jan 2025 02:23 am
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