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10.30 का दस्तूर, दफ्तरों से दूर

प्रमुख अधिकारी ही पहुंचे समय पर, विभागों के हाल बेहाल

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tarunendra@123 chauhan

Sep 16, 2016

Collectorat

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दमोह. स्कूली शिक्षकों के देरपहुंचने की खबरें आए दिन अखबारों में सुर्खियां बनी रहती हैं, लेकिन जहां जिले के मुखिया निवास करते हैं, वहां के अनेक विभाग प्रमुख व बाबुओं को सुबह 10.30 बजे कार्यालय पहुंचने की आदत नहीं है। हां कलेक्टर, सीईओ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी तो 10.30 पर अपनी कुर्सियों पर बैठ जाते हैं, लेकिन अधीनस्थ अमले की 11 बजे के बाद ऑफिस पहुंचने की आदत बन गई है।

पत्रिका ने सुबह 10.20 बजे कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर अपने कैमरे का फोकस किया तो सबसे पहले जिपं सीईओ डॉ. जगदीश जटिया पहुंचे। इसके बाद 10.30 बजे ग्राउंड फ्लोर, फस्र्ट फ्लोर व सेकंड फ्लोर पर अधिकांश कार्यालयों के विभाग प्रमुखों के साथ अधीनस्थ कर्मचारियों की कुर्सियां खाली रहीं। यहां चतुर्थ श्रेणी स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 11 बजे या इसके बाद ही अधिकांश कर्मचारी आते हैं। दमोह जिला कलेक्ट्रेट अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है, इसके कारण भी तृतीय व चतुर्थ वर्ग का स्टाफ मनमर्जी का मालिक हो गया है।

कलेक्ट्रेट में सुबह 10.30 से 11 बजे तक जहां विभाग प्रमुख व अधीनस्थ अमला नहीं पहुंचा, वहीं जन भी तंत्र के पास नहीं पहुंचा था, जैसे वह आदी हो गए हों कि उनकी सुनवाई 11 बजे के बाद होगी। इसलिए मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में अधिकांश देखा जाता है कि लोग 11.30 बजे के बाद ही कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं। पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में केवल रजिस्ट्री कार्यालय में तीन चार लोग नजर आए, लेकिन उपपंजीयक अपनी सीट से नदारद थीं। जो उपस्थित थे वह प्रापर्टी ब्रोकर थे। मौजूद लोगों का लेटलतीफी पर प्रतिक्रिया देने के बजाए अधिकारी का ही बचाव करनते हुए कहा कि हो सकता है गणेश विसर्जन है तो घर में पूजा के कारण देरी हो रही हो। कलेक्ट्रेट कार्यालय में दो कार्यालय ऐसे मिले जिनके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने ताले तक नहीं खोले थे, एक था आबकारी विभाग और दूसरा जिला संस्थागत वित्त व व्यवहारबाद शाखा जिसका ताला भी नहीं खुला था।

कलेक्ट्रेट में निर्वाचन कार्यालय, भू- अभिलेख शाखा, नजारत शाखा, खाद्य विभाग, कृषि विभाग, शहरी विकास अभिकरण, जन अभियान परिषद, नजूल शाखा, जन शिकायत शाखा, आदिम जाति कल्याण विभाग, एनआईसी सहित अन्य शाखाओं में पदस्थ विभाग प्रमुखों और कर्मचारियों को निर्धारित समय 10.30 बजे पहुंचने की आदत नहीं है।

जहां जिले के मुखिया बैठते हैं, वहां समय पर अधिकारी नहीं पहुंचते हैं तो ब्लॉक मुख्यालयों पर पदस्थ अमला व विभाग प्रमुख 12 बजे के बाद पहुंचते हैं। हटा, पटेरा, बटियागढ़, पथरिया, तेंदूखेड़ा, जबेरा में पदस्थ पूरा अमला दमोह, जबलपुर या सागर से अपडाउन करता है, जिससे बसों के समयानुसार आवाजाही होने से भी लोगों के कामकाज सही समय पर नहीं निपट पा रहे हैं।

यदि ऑफिस के टाइम में लेट लतीफी हो रही है तो इस संबंध में जांच कराएंगे। यदि इसमें हीलाहवाली हो रही है तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. श्रीनिवास शर्मा कलेक्टर, दमोह

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