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दमोह. सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उमा मिस्त्री की तलैया से लेकर घंटाघर का मार्ग वन वे घोषित किया गया है। मंगलवार को इस पर अमल नहीं हो पाया है, वहीं आसपास के दुकानदारों का कहना है कि मर्ज वन-वे नहीं है, बल्कि आधी सड़क पर लगने वाले हाथ ठेला व सब्जी की दुकानें हैं। जिससे जाम लगने के साथ छिटपुट घटनाएं रोज सामने आ रही है। उमामिस्त्री तिराहा से लेकर घंटाघर तक बहुत भीड़ नजर आती है। कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान ढील के समय भी सोशल डिस्टेंस भी इसी रोड पर टूटता हुआ नजर आया है। त्यौहारों पर इस सड़क को वन वे किया जाता रहा है अब इस सड़क को हमेशा के लिए वन वे करने का निर्णय लिया गया है। निर्णय के दूसरे दिन वन वे किए जाने की कोई पहल नहीं की गई है।
इस क्षेत्र के दुकानदारों का कहना है कि समस्या का हल वनवे किए जाने से नहीं होगा। क्योंकि इस सड़क की मुख्य समस्या फुटपाथी दुकानें हैं। सालों से घंटाघर की शुरुआत से लेकर उमा मिस्त्री तिराहे तक दोनों ओर दुकानदारों द्वारा दुकान के बाहर सामान निकाला जाता है। इसके बाद सब्जी वालों को अपनी दुकान के सामने बिठाया जाता है। इसी के साथ हाथ ठेले वाले भी खड़े हो जाते हैं। इन तीन कारणों से जो भी ग्राहक यहां खरीददारी करने पहुंचता है, वह अपनी बाइक या कार बीच सड़क पर खड़ी कर देता है। बस इस स्थिति के बनते ही पल भर में यहां जाम लग जाता है। इस सड़क पर सुबह से शाम तक जाम की स्थिति बनती रहती है।
प्रशासन ने इस मार्ग को वन वे करते हुए तिपहिया व चार पहिया वाहन तो प्रतिबंधित कर दिए हैं, लेकिन अब लोगों का कहना है कि वन वे मार्ग होने पर भी समस्या का हल नहीं होगा।
क्योंकि यातायात पुलिस व नगर पालिका परिषद द्वारा फुटपाथी सब्जी वालों के लिए यहां से उठाकर उमामिस्त्री मैदान में दुकानें लगाने के लिए जगह आरक्षित की है, लेकिन इसके बावजूद हाथ ठेला व सब्जी वाले यही पर दुकानें लगाते हैं।
Published on:
21 Jul 2020 11:49 pm
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