16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फ्लॉप कराने रातों-रात हुए अतिक्रमण

ई की तो दूसरे दिन शुरू हो गई नेतागिरी

3 min read
Google source verification
हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी फ्लाफ कराने रातों-रात हुए अतिक्रमण प्रशासन ने कार्रवाई की तो दूसरे दिन शुरू हो गई नेतागिरी

हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी फ्लाफ कराने रातों-रात हुए अतिक्रमण प्रशासन ने कार्रवाई की तो दूसरे दिन शुरू हो गई नेतागिरी

दमोह. हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लिए दमोह में हमेशा से फ्लॉप करने के प्रयास किए जाते रहे हैं, जिससे निजी कॉलोनाइजरों को लाभ मिलता रहा है। पुरानी हाऊसिंग बोर्ड जब तैयार हो रही थी तो अवैध कब्जों से सुभाषकॉलोनी का निर्माण करा दिया। गरीबों से सस्ती दर पर व्यवसायियों ने जमीन अपने कब्जे में करते हुए व्यवसायिक उपयोग शुरू कर दिया गया है। अब नई रानी दमयंती नगर कॉलोनी बन रही है तो उसके पीछे चुनावी आड़ में रातों-रात अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई और 50 अवैध अतिक्रमण हटाए तो बुधवार को विरोध की राजनीति शुरू हो गई। बसपा विधायक रामबाई पहुंच गईं। भाजपा के मीडिया मनीष तिवारी पहुंच गए। फिर ज्ञापन देने के साथ मौका स्थल पर अतिक्रमणकारियों को संबल प्रदान करने की राजनीति चालू हो गए।

बसपा विधायक रामबाई ने अपर कलेक्टर आनंद कोपरिहा को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि बगैर नोटिस दिए प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बल पूर्वक यदि कोई कार्रवाई की गई तो एक सप्ताह बाद गरीबों के साथ बैठकर अनशन किया जाएगा। इसके बाद विधायक प्रतिनिधि चंदू सिंह मौका स्थल पर भी कहे। जहां कुछ युवा आक्रोशित होकर कह रहे थे कि आप साथ देना तो अतिक्रमण विरोधी दस्ते को पीट-पीटकर भगा दिया जाएगा। जिस पर विधायक प्रतिनिधि ने कहा धैर्यता रखें, वह उनके साथ हैं। प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा, बल पूर्वक कोई कार्रवाई नहीं करेगा। यहां के लोगों का कहना है कि वह सालों से रह रहे हैं जबकि जिस क्षेत्र में अतिक्रमण नजर आ रहे थे वह केवल तीन माह के अंदर ही थे, कुछ पुराने लोग भी है, जिनके वर्षों पुराने मकान अलग ही नजर आ रहे थे। जिससे मौका स्थल पर यह जानकारी लग रही थी कि ताजा तरीन अतिक्रमण हो रहे है। हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी के ठीक पीछे चूना की बाउंड्री भी नजर आई। भाजपा के 15 साल में नहीं हटे अतिक्रमण भाजपा मीडिया प्रभारी मनीष तिवारी भी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने अतिक्रमणकारियों से कहा कि जब तक जयंत भैया विधायक रहे हैं तो एक भी अतिक्रमण नहीं गिराया गया है। कांग्रेस सरकार बनते ही अतिक्रमण हटने लगे हैं। मौके पर विधायक राहुल सिंह भी नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बसपा विधायक जिंदाबाद के जो नारे लगा रहे थे वह पथरिया से नहीं आएंगी। भाजपा उनके साथ है और वह इस जमीन से एक इंच अतिक्रमण नहीं हटने देंगे। रुपए लिए तब बनाया मकान अतिक्रमण हटाए स्थल पर जहां बसपा विधायक प्रतिनिधि व भाजपा मीडिया प्रभारी झुंड में खड़े थे, उसके ठीक पीछे महिलाओं का हुजूम खड़ा था। जो आपसी चर्चाओं में कह रही थीं कि तिवारी को रुपए दिए हैं तब जाकर मकान बना है। वह जिस तिवारी की ओर इशारा कर रहीं थीं वह वन विभाग के वीट गार्ड के बारे में चर्चा कर रहीं थीं। जिससे यह स्पष्ट हो रहा था कि इस क्षेत्र में गरीबों से थोड़ी सी राशि लेकर सुनोयोजित तरीके से वन भूमि पर कब्जे कराए गए हैं, अब इन्हें हटाने के लिए प्रशासन को नया सिरदर्द मोल लेना पड़ेगा।

चिह्नित किए थे 50 अतिक्रमण
रानी दमयंतीनगर हाउसिंग बोर्ड बोर्ड कॉलोनी का जब ले-आऊट डल रहा था तो तत्कालीन एसडीओ एमएल अहिरवार द्वारा यहां 50 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। उद्घाटन के दौरान पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया ने कहा था कि जितने भी इस क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। वह समन्ना रैयतवारी बायपास में बन रहे पक्के मकानों में रहेंगे। नगर पालिका परिषद द्वारा इन्हें चिन्हित भी किया गया था और सबके लिए मकान भी एलाटमेंट कराए गए थे। इसके बावजूद 50 से बढ़कर 600 अतिक्रमणों को प्रश्रय देने से करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए सुसजिज्त आवासों में अब तक रहवास शुरू नहीं हो पा रहा है।

एक्सपर्ट व्यू
विजय दिवाकर करमरकर का कहना है कि भोले-भाले लोगों के लिए इस तरह कब्जे करवाने के पीछे पूरा गिरोह काम कर रहा है। जिसमें केवल नुकसान गरीबों का हो रहा है। प्रशासन को ऐसे लोगों की शिनाख्ती कर कार्रवाई करना चाहिए ताकि गरीबों की खून पसीने से कमाए रुपए बर्बाद न हो। इसके लिए प्रशासन को सख्ती से गरीबों को चिन्हित कर प्रधानमंत्री आवास के मकानों में रहवास शुरू कराने के लिए कदम उठाने की सख्त आवश्यकता है।

प्रशासन ने जो अतिक्रमण हटाए हैं, वह खाली थे, वन भूमि में जो भी अतिक्रमण हैं, वह हटाए जा रहे हैं। जो ज्ञापन दिया गया है, उस पर भी ध्यान दिया जाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आनंद कोपरिहा, अपर कलेक्टर दमोह