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जहर खाने से इस शहर में होती हैं एक दिन में तीन मौतें…

जहर खाने से तीन की मौत, दो पुरुष व एक महिला की जहर खाने से मौत....

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 होती हैं

दमोह. जिले के अलग-अलग थानांतर्गत जहरीला पदार्थ खाने से तीन लोगों की मौत हो गई। जिसमें दो पुरुष व एक महिला शामिल है। पुलिस ने बताया है कि जिले के पथरिया थानांतर्गत ग्राम लखरौनी गांव निवासी लक्ष्मण पिता गोपाल कुर्मी (४२) ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा हटा थानांतर्गत भटिया गांव निवासी महिला इमरती पति राजू सिंह (२५) नव विवाहिता की मौत हो गई। इसी तरह से तेजगढ़ थानांतर्गत करोंदी सिंगौरगढ़ गांव निवासी युवक याल सिंह पिता रोहित सिंह (२७) ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया। जिसकी शनिवार मौत होने पर मर्ग कायम कर जांच में लिया गया है।
महिला इलाजरत -
इसके अलावा हिंडोरिया थाना क्षेत्र के बांदकपुर चौकी अंतर्गत आने वाले ग्राम बलारपुर निवासी महिला शशि बाई पति हल्लू सिंह लोधी (३४) ने भी अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया। जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इलाज जारी है।

इधर खबर के बाद लगने लगे रैबीज के इंजेक्शन-
दमोह. जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से परेशान हो रहे मरीजों को पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद अब लोगों को अस्पताल में ही एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगने लगे हैं।
जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से बिना एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाए पावस लौट रहे लोगों को अब करोड़ों की जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन नसीब होने लगे हैं। पत्रिका ने शनिवार के अंक में 'कुत्ता काट ले तो एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने खुद खरीदकर ही जाना अस्पतालÓ शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और जबेरा व तेंदूखेड़ा में रखे एक्सट्रा इंजेक्शनों को लाकर एंटी रैबीज के इंजेक्शन मरीजों को उपलब्ध कराए गए। जिससे शनिवार को करीब ३५ से अधिक मरीजों को जिला अस्पताल से ही नि:शुल्क इंजेक्शन लगाए जा सके। बताया गया है कि एक सप्ताह से तक कुत्तों के शिकार हुए मरीजों को स्वयं के रुपयों से बाजार से इंजेक्शन लाना पड़ रहे थे। जिसमें एक इंजेक्शन की कीमत सवा तीन सौ रुपए होती थी। लेकिन पत्रिका में खबर लगने के बाद मरीजों ने राहत की सांस ली है।

१५-२० दिन का हो गया इंतजाम-
देखिए रिजर्व में पहले से स्टॉक रखा हुआ था, जिसे उपयोग में लिया जाने लगा है। शेष जबेरा व तेंदूखेड़ा में जो अतिरिक्त स्टॉक रखा था उसे भी बुलवा लिया गया है। अब करीब १५ से २० दिन तक काम चल जाएगा। शेष के लिए सागर से इंतजाम किया जा रहा है। भोपाल मुख्यालय में भी ऑर्डर दिया जा रहा है।
डॉ. ममता तिमोरी - सिविल सर्जन जि.अ.