दमोह के नरसिंहगढ़ के रक्षित श्रीवास्तव ने शारीरिक चुनौती से पार पाकर 218 दिन में लद्दाख से कन्याकुमारी तक की 5200 किलोमीटर की दूरी पैदल नाप दी...।
दमोह/नरसिंहगढ। कहते हैं इंसान के जज्बे के सामने हर कठिनाई हार जाती है। रक्षित शारीरिक चुनौती से पार पाकर 218 दिन में लद्दाख से कन्याकुमारी तक की 5200 किलोमीटर की दूरी पैदल नाप दी। उनका नाम गिनीज बुक (guinness book of world records) में दर्ज किया गया है। बता दें वर्ष 2019 में सड़क हादसे में रक्षित के पैर में फ्रैक्चर हुआ था और स्टील की रॉड डालनी पड़ी थी।
दमोह जिले के नरसिंहगढ़ कस्बे के निवासी रक्षित श्रीवास्तव की उम्र 21 साल है। वे दुनिया को बताना चाहते थे भारत कितना सुरक्षित देश है। इसलिए देश के उत्तर में स्थित लद्दाख व दक्षिण के आखिरी शहर कन्याकुमारी को पैदल सफर के लिए चुना। उन्होंने 22 सितंबर 2021 को लद्दाख से पदयात्रा शुरू की थी। जो दस राज्यों की सीमा को पार करते हुए 218 दिन में मंजिल तक पहुंचे। पिछले चार महीनों में करीब 2500 किलोमीटर में छह राज्यों जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश के अलावा दो केंद्र शासित प्रदेश की यात्रा कर चुके हैं।
रक्षित कहते हैं कि अपनी पैदल यात्रा को लेकर दो लक्ष्य तय किए हैं। इसमें पहला देश के लोगों को फ्री इंडिया का अहसास कराना है। इसमें सभी को यह अहसास हो कि अब पूरी तरह से भारत सुरक्षित है। इसमें व्यक्ति कहीं पर भी जा सकता है। हमारा देश कारगिल से लेकर कन्याकुमारी तक पूरी तरह से सुरक्षित है। कहीं पर किसी प्रकार का कोई डर नहीं है। जबकि दूसरा लक्ष्य देश की संस्कृति को समझना है। पैदल चलने के दौरान नए-नए लोग मिलते हैं। इस बीच, उनके बारे में समझने का मौका मिलता है।