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लोगों की पसंद बना स्वीट कॉर्न, जहां-तहां लगे हाथ ठेले

दमोह. बारिश के मौसम में भूने हुए भुट्टा हर किसी को पसंद है, लेकिन भुट्टे की देसी किस्म धीरे धीरे कम होती जा रही है। इसकी जगह हाइब्रिड बीजों से होने वाले स्वीट कॉर्न का चलन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लोगों की पसंद भी स्वीट कॉर्न बन चुका है। इस समय शहर में भुट्टे की ठेले लग रहे हैं।

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दमोह

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Hamid Khan

Aug 23, 2024

लोगों की पसंद बना स्वीट कॉर्न, जहां-तहां लगे हाथ ठेले

लोगों की पसंद बना स्वीट कॉर्न, जहां-तहां लगे हाथ ठेले

पोषण तत्वों से भरपूर हैं देसी भुट्टे
दमोह. बारिश के मौसम में भूने हुए भुट्टा हर किसी को पसंद है, लेकिन भुट्टे की देसी किस्म धीरे धीरे कम होती जा रही है। इसकी जगह हाइब्रिड बीजों से होने वाले स्वीट कॉर्न का चलन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लोगों की पसंद भी स्वीट कॉर्न बन चुका है। इस समय शहर में भुट्टे की ठेले लग रहे हैं। इनमें देसी भुट्टे से ज्यादा स्वीट कॉर्न की बिक्री हो रही है। लोग बड़े ही चाव से स्वीट कॉर्न का आनंद ले रहे हैं। हालांकि सेहत और पोषण तत्वों के मामले में देसी भुट्टे का कोई तोड़ नहीं है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी देसी भुट्टे को सेहत के लिए ज्यादा सेहत मंद मानते हैं। जानकारी के अनुसार 100 ग्राम मक्के की मात्रा में 96 कैलोरी, 73 प्रतिशत पानी, काब्र्स 21 ग्राम, प्रोटीन 3.4 ग्राम, फाइबर 2.4 ग्राम और फैट 1.5 ग्राम पाया जाता है। जबकि स्वीट कॉर्न में स्टार्च की मात्रा मुख्य रूप से पाई जाती है। इसमें भरपूर काब्र्स के अलावा प्रोटीन, मैंग्नीज, मैंग्नीशियम, ङ्क्षजक भी होता है। लेकिन स्वीट कॉर्न हाइब्रिड बीजों से पैदा किया जाता है। जिसमें अनेक कीटनाशकों का उपयोग होता है। इस प्रक्रिया में देसी भुट्टे की अपेक्षा स्वीट कॉर्न में कम पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि देसी भुट्टा केवल बारिश के समय ही मिलता है। जबकि स्वीट कॉर्न की बारहों महीने पैदावार होती है।