
The confluence of vyarma and sparrow dry in the spring
दमोह. नोहटा में व्यारमा व गौरया नदी का संगम है। पुल से नजर आने वाले इस संगम में बारिश के दिनों में छोटा पुल डूबा रहता था और बाढ़ जैसी स्थिति नजर आती थी, लेकिन इस बार संगम स्थल पूरी तरह सूखा हुआ है। मई जून माह जैसे दोनों नदियों की तलहटी नजर आ रही है।
इस बार मानसून में झमाझम बारिश व सावन माह आधा बीच चुका है, अभी तक सावन की झड़ी नहीं लगी है। जिससे तेज उमस से लोग हलाकान हैं। वहीं नदियां भी सूखी पड़ी हैं। सुनार नदी को छोड़कर शेष नदियों की धार भी नहीं टूटी है। सुनार नदी में पंचमनगर डैम का पानी छोड़े जाने से यह बारहमासी बहने वाली नदी बन गई है, लेकिन शेष नदिया जो बारिश के दिनों में उफान पर रहती थी, वर्तमान में सूखी नजर आ रही हैं। जिससे नोहटा में गौरया व व्यारमा नदी के संगम तट पर धार टूटी हुई है।
Updated on:
18 Jul 2020 09:05 pm
Published on:
18 Jul 2020 10:49 pm
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