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पीएम आवास योजना की किस्त ली नहीं बनाया मकान

अपूर्ण आवास होने पर पहुंच रही गांवों में पुलिस  

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The house did not get the installment of PM Awas Yojana

The house did not get the installment of PM Awas Yojana

दमोह. दमोह जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण दो स्तर पर चल रही है। पहली एसईसीसी और दूसरी आवास प्लस योजना चल रही है। इन दोनों योजनाओं में ऐसे हितग्राही हैं, जिन्होंने किस्तें ले ली लेकिन आवास बनाना शुरू नहीं किया है, प्लंथ, दीवार या छत स्तर पर काम अधूरा छोड़ दिया है। इसके पीछे हितग्राही बढ़ी महंगाई का हवाला दे रहे हैं, वहीं अपूर्ण आवास मामले में अब सख्ती बरती जा रही है, हितग्राहियों से वसूली के लिए गांवों में सचिवों के साथ पुलिस जा रही है।
दमोह जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना एसईसीसी की शुरुआत 2011 के तहत की गई, जिसमें 2016 से 2017 व 2021 से 2022 तक कुल 100538 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 84 हजार 302 पूर्ण हो चुके हैं। यह 83.9 प्रतिशत सफल हुई थी। वहीं 16 हजार 236 ऐसे हितग्राही हैं, जिन्होंने आवास पूर्ण नहीं किए थे। इसके बाद 2021-2022 के लिए आवास प्लस योजना आई, जिसमें 70 हजार 875 आवास बनने हैं। अभी हाल में लक्ष्य 20 हजार 322 के विरुद्ध 19 हजार 285 आवास स्वीकृत हुए हैं। जिनमें से 2041 आवास ही पूर्ण हुए हैं। यानि 11 प्रतिशत रहा है। दोनों योजनाओं को मिलाकर प्रगतिरत आवास 33 हजार 480 हैं। जिनमें जिनमें प्लंथ स्तर पर 9851, दीवार स्तर पर 11 हजार 866 व छत स्तर पर 11 हजार 763 में काम हुआ है। जिनका काम रुका हैं। अब ऐसे आवासों को पूर्ण कराने के सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
महंगाई डायन से रुका काम
गांवों में जिन हितग्राहियों के पास सचिव पुलिस लेकर जा रहे हैं, वे हितग्राही महंगाई का हवाला दे रहे हैं, सवा लाख रुपए में काम नहीं होने पर अधूरा काम बता रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में 2016 से 2017 तक गांवों में आवास बनाने में दिक्कत नहीं आई है। कोरोना काल के बाद चरम पर पहुंची महंगाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को डिफाल्टर बना दिया है। गांवों में कुछ ऐसे भी हितग्राही हैं, जिन्होंने पहली किस्त ले ली और काम भी शुरू नहीं किया हैं। कई ऐसे हितग्राही भी सामने आए जिन्होंने राशि सरेंडर इसलिए कर दी कि वह महंगाई के दौर में आवास नहीं बना पाएंगे।
65 हितग्राहियों से की गई वसूली
इधर जिन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पूर्ण नहीं किया है। ऐसे 65 हितग्राहियों वसूली की गई है। इसके साथ ही प्रत्येक गांव में ऐसे लोगों के पास पुलिस लेकर सचिव पहुंच रहे हैं, जिन्हें चेतावनी दी जा रही है कि या तो राशि सरेंडर कर दो या राशि नहीं दे सकते हैं तो आवास बनाया जाए। हितग्राही राशि देने में असमर्थ होंगे तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाने की तैयारी की जा रही है।

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