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जुवान से किया गया घाव कभी ठीक नहीं होता: मुनि

दमोह. शिवनगर में निर्यापक मुनि अभय सागर के सत्संग सानिध्य में अभूतपूर्व ऐतिहासिक ढंग से सानंद संपन्न पंचकल्याणक महोत्सव के समापन पर इंद्र-इंद्राणियों के साथ दिगंबर जैन पंचायत व सकल जैन समाज के प्रतिष्ठित श्रावक-श्राविकाएं एक साथ विभिन्न वाहनों से 12 दिसंबर गुरुवार को प्रात: 6 बजे खजुराहो के लिए रवाना होंगे।

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दमोह

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Hamid Khan

Dec 12, 2024

जुवान से किया गया घाव कभी ठीक नहीं होता: मुनि

जुवान से किया गया घाव कभी ठीक नहीं होता: मुनि

मुनि संघ की शीतकालीन वाचना के लिए श्रीफल अर्पित किए

दमोह. शिवनगर में निर्यापक मुनि अभय सागर के सत्संग सानिध्य में अभूतपूर्व ऐतिहासिक ढंग से सानंद संपन्न पंचकल्याणक महोत्सव के समापन पर इंद्र-इंद्राणियों के साथ दिगंबर जैन पंचायत व सकल जैन समाज के प्रतिष्ठित श्रावक-श्राविकाएं एक साथ विभिन्न वाहनों से 12 दिसंबर गुरुवार को प्रात: 6 बजे खजुराहो के लिए रवाना होंगे। जहां पर नवाचार समय सागर महाराज को मुनि संघ के शीतकालीन वचन के लिए श्रीफल अर्पित करेंगे।

सुनील वेजीटेरियन ने बताया कि समिति की ओर से खजुराहो जाने के लिए नि:शुल्क वाहनों की व्यवस्था की गई है। महोत्सव के सानंद समापन पर पंचकल्याणक में महा यज्ञनायक की भूमिका में रहे सुभाष बमोरिया के द्वारा साइन कालीन भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में समाज के प्रतिष्ठित जनों के अलावा इंद्र-इंद्राणी सम्मिलित हुए इसके अलावा महोत्सव के सौधर्म इंद्र सुनील डबुल्या ने भी बांदकपुर में भजनों का आयोजन किया गया।
इसके पूर्व दिगंबर जैन धर्मशाला में विराजमान मुनि सुब्रत सागर ने अपने प्रात: कालीन मंगल प्रवचनों में कहा कि मनुष्य को अपने वचनों पर बहुत ज्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि जवान में लगा घाव बहुत जल्दी ठीक होता है, लेकिन जुवान से किया गया घाव कभी ठीक नहीं होता। उन्होंने कहा कि जीवन में चार रतन है, जिन्हें संभाल के रखना चाहिए। महाभारत जुवान के कारण लड़ा गया, कुरुक्षेत्र की श्वेत धरती आज तक लाल रंग में सनी हुई है। 18 दिनों में इतना रक्तपात हुआ जो एक इतिहास बन गया। जुवान पर नियंत्रण आवश्यक है। आज तक अधिकांश युद्ध जुवान फिसलने के कारण हुए हैं। जुवान पर यदि नियंत्रण कर लिया जाए तो बहुत से विवादों से बचा जा सकता है, वाणी वीणा का काम करना चाहिए।